राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कुछ ही सेकंड में दोनों वाहनों में आग लग गई।
बस में बैठे यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठा। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत दल मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया गया।
इंदौर, झाबुआ और बड़वानी के यात्रियों पर टूटा दुखों का पहाड़
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें इंदौर के 5 यात्रियों की जान चली गई। दौसा जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. आर.के. मीणा के अनुसार सभी मृतकों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित किया गया। वहीं 21 घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें 13 की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार बस में मध्य प्रदेश के झाबुआ और बड़वानी जिले के यात्री भी सफर कर रहे थे। झाबुआ के धर्मसिंह और काली देवी समेत चार यात्रियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि लापता लोगों की तलाश जारी है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। प्रशासन लगातार यात्रियों की पहचान करने और उनके परिजनों से संपर्क करने में जुटा है।
आग ने बचाव कार्य को बनाया मुश्किल
दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के मुताबिक हादसा कोलवा थाना क्षेत्र के तनावड़ जीरो पॉइंट पर रात करीब ढाई बजे हुआ। टक्कर के बाद बस में आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्री अंदर ही फंस गए। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बस के शीशे तोड़े और कई यात्रियों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस करीब एक घंटे तक जलती रही।
घायलों में कई बच्चे भी शामिल हैं। जिला अस्पताल में भर्ती लोगों का इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार गंभीर मरीजों पर नजर बनाए हुए है। अस्पताल के बाहर परिजनों की भीड़ लगी रही, जहां अपने अपनों की जानकारी पाने के लिए लोग घंटों इंतजार करते नजर आए। इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बस हादसे की जांच शुरू
हादसे के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि बस के स्टोरेज बॉक्स में बड़ी संख्या में सिगरेट के पैकेट रखे हुए थे, जिससे आग तेजी से फैल गई। हालांकि पुलिस ने अभी इस दावे की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि आग इतनी तेजी से क्यों फैली और दुर्घटना की असली वजह क्या थी।
पुलिस के अनुसार अब तक केवल 9 घायलों की पहचान हो सकी है। बाकी यात्रियों की पहचान करने का काम जारी है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान घायलों के इलाज, लापता लोगों की तलाश और हादसे के कारणों की जांच पर है। शुरुआती जांच में बस और ट्रक की टक्कर को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, जबकि आग लगने के कारणों की अलग से जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारियों पर भरोसा न करें और केवल प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।






