रतलाम प्रशासन द्वारा आने वाले त्योहारों को देखते हुए डीजे, साउंड सिस्टम और लाउड स्पीकर को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। धार्मिक स्थलों पर जितने भी तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर लगाए गए हैं उन्हें हटाया जा रहा है। जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा ये कार्रवाई की गई है।
प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई के तहत मंगलवार दोपहर से देश शाम तक पांच धार्मिक स्थलों से लगभग 18 लाउडस्पीकर हटाए गए। इनमें मंदिर तथा मस्जिद दोनों ही जगहों पर कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि अभी 7 दिनों तक यह अभियान जारी रहने वाला है।
हटाए गए लाउड स्पीकर
आने वाले त्योहारों की तैयारी और सुरक्षा की दृष्टि को लेकर हाल ही में रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया ने ध्वनि विस्तारक यंत्र को लेकर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे। कलेक्टर ने साफ शब्दों में अधिकारियों को यह निर्देश दिए थे की धार्मिक स्थलों की जांच कर वहां पर लगे हुए लाउडस्पीकर को हटा दें ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान यह भी स्पष्ट किया गया था कि तय डेसीबल सीमा से ज्यादा आवाज में कोई भी ध्वनि विस्तारक यंत्र नहीं बजाया जाना चाहिए। इसी निर्देश के तहत अलग-अलग टीम बनाकर लाउडस्पीकर हटाए जाने की कार्रवाई की गई।
यहां हुई कार्रवाई
प्रशासन द्वारा लाउडस्पीकर हटाए जाने के लिए कार्रवाई मेहंदीकुई बालाजी मंदिर, अबु बकर मस्जिद, रजा मस्जिद, जमातखाना मदीना मस्जिद, शेरानीपुरा जमातखाना मस्जिद पर की गई। इन सभी जगह से लाउडस्पीकर हटाए गए। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बातचीत कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्पीकर हटाने का ये अभियान अगले 7 दिनों तक जारी रहने वाला है।
प्रशासन को मिला सहयोग
किसी भी धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर हटाने के दौरान प्रशासन को वाद विवाद या विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। एडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा आशीष उपाध्याय और संबंधित पुलिस थाना की टीम में धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर वहां की जांच की। टीम द्वारा अनावश्यक रूप से लगे हुए लाउडस्पीकर को हटाने के लिए संचालकों, मंदिर समिति और मस्जिद कमेटियों से बातचीत की। ऐसे में प्रशासन का सहयोग करते हुए संस्थाओं और कमेटियों द्वारा खुद ही लाउडस्पीकर हटा दिए गए।






