साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, फाल्गुन मास की अमावस्या को लगा था। अब साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 (बुधवार) को कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा। यह ग्रहण एक पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) होगा। इसे खगोल विज्ञान में ‘खग्रास’ सूर्य ग्रहण भी कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक लेगा, जिससे प्रभावित इलाकों में दिन में भी रात जैसा अंधेरा छा जाएगा।
भारतीय समय (IST) के अनुसार, सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 रात 09:04 बजे से शुरू होगा और 13 अगस्त 2026, रात 01:27 बजे समाप्त होगा। चूंकि ग्रहण के समय भारत में रात होगी, ऐसे में यह भारत को छोड़कर आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में दिखाई ना देने के कारण इसका कोई ज्योतिषीय प्रभाव या सूतककाल मान्य नहीं होगा। लेकिन दुनिया के कई देशों में इस अद्भुत खगोलीय घटना का नजारा देखने को मिलेगा।बता दें कि सूर्य ग्रहण में सूतक 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
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कब लगता है सूर्य ग्रहण
- ज्योतिष के मुताबिक, जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है तो सूरज की रोशनी धरती तक पहुंच नहीं पाती है, तब पूर्ण सूर्य ग्रहण लगता है।
- आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढक पाता है। सूर्य का केवल एक हिस्सा ही ढका होता है। यहां चंद्रमा सूर्य के एक हिस्से को ढंकता हुआ नजर आता है।
- वलयाकार सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी से दूर हो। तब यह पूरी तरह सूर्य को ढक नहीं पाता, जिस कारण हमें सूर्य ग्रहण के दौरान आसमान में एक ‘आग का छल्ला (Ring of fire)’ दिखता है।
ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं?
- ग्रहण के सूतक काल में पूजा पाठ बंद कर देना चाहिए।
- ग्रहण के अवधि के दौरान घर के पूजा वाले स्थान को पर्दे से ढक दें।
- ग्रहण में भूलकर भी देवी-देवताओं की पूजा नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान खाना-पीना नही चाहिए।
- खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रखना चाहिए
- ग्रहण की समाप्ति के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल का छिड़काव करके
- शुद्ध करना चाहिए।
- गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, उन्हें घर से
बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही ग्रहण देखना चाहिए। - ग्रहण के सूतक काल में भोजन बनाना, खाना, सोना, बाल काटना, तेल लगाना,
सिलाई-कढ़ाई करना और चाकू चलाना नहीं चाहिए।
(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)