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19 सितंबर से आश्विन मास शुरू, जरूर करें ये 4 उपाय, कभी नहीं होगी धन की कमी, करियर-कारोबार में मिलेगी तरक्की 

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19 सितंबर से आश्विन मास शुरू हो रहा है। इस दौरान कुछ उपायों को करना प्रभावशाली माना जाता है। सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
19 सितंबर से आश्विन मास शुरू, जरूर करें ये 4 उपाय, कभी नहीं होगी धन की कमी, करियर-कारोबार में मिलेगी तरक्की 

Ashwin Month 2024: हिंदू कैलेंडर के मुताबिक आश्विन मास सातवां महीना होता है। इस माह में शारदीय नवरात्रि समेत कई महत्वपूर्ण पर्व और त्योहार पड़ते हैं। 19 सितंबर गुरुवार से आश्विन माह की शुरुआत हो रही है। इसका समापन 17 अक्टूबर को होगा।

आश्विन माह में भगवान विष्णु और सूर्य की पूजा-अराधना की जाती है। वहीं नवरात्रि के नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की उपासना होती है। इस दौरान कुछ उपायों को करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इन उपायों को करने से भाग्योदय होता है। करियर और कारोबार में लाभ होता है। जीवन के कष्ट दूर होते हैं। आइए एक नजर इनपर डालें-

इन उपायों को जरूर आजमाएं (Ashwin Month Upay)

  • अलसी के बीज, अक्षत, कौड़ी, शंख इसमें से किसी एक को एक लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें। ऐसा करने से  धन और धन का भंडार सदैव भरा रहता है।
  • आश्विन मास में रोजाना सूर्य को अर्घ्य दें। ऐसा करने से भाग्योदय होता है। जीवन में सफलता के प्रबल योग बनते हैं। करियर और कारोबार में तरक्की मिलती है।
  • आश्विन मास में शंख, पुष्प, वस्त्र और तिल का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने से जीवन की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। पितृ दोष भी दूर होता है। सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है।
  • इस माह में विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करें। विवाह में आ रही समस्याओं से छुटकारा मिलता है। पितर भी प्रसन्न होते हैं।

इन नियमों का पालन करें (Ashwin Month Rules)

(Disclaimer: इन आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

 

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
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