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इस बार 6 दिनों तक रहेगी दिवाली की धूम, जानें किस दिन मनाया जाएगा कौन सा पर्व

Written by:Diksha Bhanupriy
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दीपोत्सव 5 दिनों तक सेलिब्रेट किया जाता है, जिसमें अलग-अलग दिन अलग-अलग त्यौहार आते हैं। इस बार यह पर पांच नहीं बल्कि 6 दिन तक मनाया जाने वाला है।
इस बार 6 दिनों तक रहेगी दिवाली की धूम, जानें किस दिन मनाया जाएगा कौन सा पर्व

दीपावली (Diwali 2025) के त्यौहार की धूम दशहरा के बाद से छाने लगती है। बाजार, रंग बिरंगी रोशनियों से सज जाते हैं और लोगों के घर की साफ सफाई रंगा पुताई और सजावट शुरू हो जाती है। आमतौर पर दीपावली का त्योहार 5 दिन तक मनाया जाता है लेकिन इस बार यह 6 दिनों का रहने वाला है। चलिए कैसे जान लेते हैं।

आपको बता दें कि दीपावली का त्योहार जो 6 दिन का हो रहा है उसकी वजह पंचांग के तिथियां में बदलाव है। 18 अक्टूबर से शुरू होकर 23 अक्टूबर तक दीपोत्सव मनाया जाएगा। इसमें धनतेरस से लेकर दीपावली, गोवर्धन पूजन और भाई दूज शामिल है। हर त्यौहार परंपरा पूजा पाठक खुशियों से भरा हुआ रहने वाला है। चलिए किस दिन का क्या महत्व है यह जान लेते हैं।

किस दिन कौन सा त्यौहार

18 और 19 अक्टूबर

दीपावली के त्यौहार की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजन की जाती है। इस दिन सोना चांदी, बर्तनों और नई चीजों की खरीदारी शुभ मानी गई है। इस दिन व्यक्ति धन्वंतरि पूजन कर स्वास्थ्य समृद्धि की प्रार्थना करता है। शाम के समय दीपदान का भी काफी महत्व माना गया है।

20 अक्टूबर को दीपावली (Diwali 2025)

दीपावली का पर्व इस साल 20 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह सबसे पवित्र और प्रसिद्ध त्यौहार है। इस दिन लोग अपने घरों में भगवान गणेश माता लक्ष्मी और सरस्वती जी की पूजन करते हैं। पूरे घर को दीपक की रोशनी से सजाया जाता है और अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश दिया जाता है। स्वादिष्ट पकवान और मिठाइयों की महक हर किसी का दिल जीत लेती है।

21 अक्टूबर को अमावस्या

दीपावली के दूसरे दिन भी अमावस्या की तिथि है। जानकारी के मुताबिक पूरा दिन अमावस्या रहने वाली है। अमावस के दिन पूजन नहीं करते हैं इसलिए इसके दूसरे दिन गोवर्धन पूजन की जाएगी।

22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजन के दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजन करने का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन घरों और मंदिरों में अन्नकूट का आयोजन भी किया जाता है। भगवान को अलग-अलग पकवानों का भोग लगाया जाता है और फिर प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। यह पर्व प्रकृति, अन्न और भगवान के प्रति आभार से भरा हुआ है।

23 अक्टूबर को भाईदूज

भाई दूज के पर्व का बहनों को साल भर तक इंतजार रहता है। दीपोत्सव के अंतिम दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख समृद्धि की कामना करती हैं। ये भाई बहनों के अटूट प्रेम का प्रतीक कहलाता है।

दीपावली से पहले खरीदी के मुहूर्त

दीपावली के पहले आठ मुहूर्त हैं जब सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा है। 10 11 और 20 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा। वहीं 11 और 19 अक्टूबर को अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। 12 अक्टूबर को रवि योग और 14 को पुष्य नक्षत्र रहेगा। 17 को सिद्ध राजयोग और 18 को धन त्रयोदशी मुहूर्त रहने वाला है। इन 8 मुहूर्त में आप कभी भी अपनी दीपावली की खरीदारी कर सकते हैं। शुभ समय में की गई खरीदारी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक और खुशहाली लेकर आती है।