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ज्येष्ठ महीने में इन नियमों का करें पालन, प्रसन्न होंगे श्रीहरि विष्णु और बजरंगबली

Written by:Diksha Bhanupriy
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ज्येष्ठ के महीने को हिंदू धर्म में काफी खास माना गया है। चलिए हम आपको इस माह से जुड़े हुए कुछ नियम और ध्यान रखने वाली बातों के बारे में बता देते हैं।
ज्येष्ठ महीने में इन नियमों का करें पालन, प्रसन्न होंगे श्रीहरि विष्णु और बजरंगबली

हिंदू धर्म में केवल व्रत और त्योहारों का नहीं बल्कि महीनों का भी विशेष महत्व माना गया है। ज्येष्ठ मास भी एक ऐसा ही समय है, जिसे दान पुण्य और आध्यात्मिक उन्नति से जोड़कर देखा जाता है। यह हिंदू वर्ष का तीसरा महीना है जिसका स्वामी ग्रह मंगल को बताया गया है। इस साल 2 मई से इसकी शुरुआत हो रही है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ज्येष्ठा नक्षत्र होने की वजह से इस महीने का नाम ज्येष्ठ पड़ गया है। इस साल इस महीने में अधिक मास का अद्भुत सहयोग भी बन रहा है। अगर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करनी है तो इस महीने को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इस महीने में हनुमान जी को भी प्रसन्न किया जा सकता है। चलिए हम आपको इससे जुड़े कुछ नियम बता देते हैं।

बड़ा मंगल का है विशेष महत्व

ज्येष्ठ के महीने में आने वाला मंगलवार बड़ा मंगल और बुढ़वा मंगल के नाम से पहचाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस समय हनुमान जी की मुलाकात भगवान राम से हुई थी। यही वजह है कि इस महीने में बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है।

कैसे करें प्रसन्न

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें पूजा पाठ करने के बाद बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। इस उपाय से जीवन की बड़ी से बड़ी परेशानी दूर हो जाती है। इस महीने में निर्जला एकादशी, वट सावित्री और गंगा दशहरा जैसे पर्व भी आते हैं।

ज्येष्ठ मास में क्या करें

  • ज्येष्ठ के महीने में गर्मी काफी होती है इसलिए प्यासे को पानी पिलाना सबसे पुण्य का काम माना गया है। आप चाहे तो राहगीरों के लिए प्याऊ लगवा सकते हैं या फिर पशु पक्षियों के लिए भोजन पानी की व्यवस्था कर सकते हैं। इससे मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
  • भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए इस महीने में अन्न, तिल और सत्तू का दान शुभ माना गया है।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जो व्यक्ति इस महीने में सात्विक भोजन करता है, वह हमेशा निरोगी रहता है और धनवान भी बनता है।

इस समय सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर वरुण देव की आराधना करनी चाहिए।

इन बातों का रखें ध्यान

  • इस पवित्र महीने में कुछ काम बिल्कुल नहीं करना चाहिए। शास्त्रों के मुताबिक ज्येष्ठ में दोपहर के समय सोने से भाग्य कमजोर होता है और स्वास्थ्य पर बुरा असर होता है।
  • इस समय पानी व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए। इससे वरुण दोष लगता है और आर्थिक तंगी की समस्या उत्पन्न होती है।
  • इस समय बैंगन खाना वर्जित है। आयुर्वेद के हिसाब से ये गर्मी बढ़ाता है और धार्मिक दृष्टि से इसे संतान के लिए कष्टकारी माना जाता है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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