हिंदू धर्म में वैशाख माह के शुक्ल पक्ष को आने वाले सप्तमी तिथि का विशेष महत्व माना गया है। ऐसा कहते हैं कि यह वही दिन है जब मां गंगा स्वर्ग लोक से भगवान शिव की जटाओं में पहुंची थी। यही कारण है कि इस दिन पूजा पाठ स्नान दान का विशेष महत्व माना गया है।
किसी भी शुभ दिन पर पवित्र नदियों के जल में स्नान करना, दान पुण्य करना और विधि विधान से पूजा करने का विशेष महत्व होता है। अगर आप गंगा स्नान का सौभाग्य प्राप्त करना चाहते हैं तो घर बैठे पूजा कर सकते हैं। आज हम आपको स्नान और पूजा का मुहूर्त और गंगा स्नान का पुण्य कमाने का तरीका बताते हैं।
गंगा सप्तमी पूजा मुहूर्त
गंगा सप्तमी पर पूजन के लिए ब्रह्म मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसका समय सुबह 4:20 से 5:04 तक है। मध्यान मुहूर्त में सुबह 11:01 से दोपहर 1:30 तक स्नान, दान और पूजा की जा सकती है।
कैसे मिलेगा गंगा स्नान का पुण्य
अगर आप घर बैठे गंगा स्नान का फल निभाना चाहते हैं और गंगा तट पर जाना संभव नहीं है तो कुछ सरल तरीके से माता गंगा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं-
- आपको सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना होगा।
- जिस पानी से आप नहा रहे हैं उसमें गंगाजल मिलाएं और हर हर गंगे का जाप करते हुए स्नान करें। ऐसा करने से आपको घर पर ही गंगा स्नान का फल मिलेगा।
- घर के मंदिर में माता गंगा का चित्र प्रतिमा स्थापित करें। अगर यह दोनों ही नहीं है तो आप एक कलश में गंगाजल भरकर उसे माता का स्वरूप मानकर पूजा कर सकते हैं।
- आपको कुमकुम, रोली, अक्षत, ताजा फूल चढ़कर फल और मिठाइयों का भोग लगाना चाहिए।
- पूजा के दौरान गंगा चालीसा का पाठ जरूर करें, इसे बहुत फलदायक माना गया है।
- सबसे आखिर में आपको शुद्ध घी का दीपक जलाकर माता की आरती करनी है।
- शाम के समय घर के मंदिर में, तुलसी के पौधे में, पवित्र स्थान पर दीपक जलाकर दीपदान जरूर करें।
इन बातों का रखें ध्यान
गंगा सप्तमी के दिन दान का विशेष महत्व है। आप अपने सामर्थ्य के मुताबिक अनाज, जल, वस्त्र जैसी चीजों का दान किसी जरूरतमंद को कर सकते हैं। इससे आपको माता गंगा की कृपा मिलेगी और घर में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहेगी।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।






