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महाकाल में वैशाख अष्टमी का उल्लास: भस्म आरती में उमड़ा जनसैलाब, ‘जय श्री महाकाल’ से गूंजा उज्जैन

Written by:Bhawna Choubey
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वैशाख अष्टमी पर महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचे। अलौकिक श्रृंगार और दिव्य आरती के बीच गूंजते जयघोष ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया, हर कोई बाबा के दर्शन के लिए आतुर दिखा।
महाकाल में वैशाख अष्टमी का उल्लास: भस्म आरती में उमड़ा जनसैलाब, ‘जय श्री महाकाल’ से गूंजा उज्जैन

उज्जैन की पावन धरती पर शुक्रवार सुबह आस्था का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी के मन को छू लिया। वैशाख अष्टमी के अवसर पर महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

महाकाल की भस्म आरती अपने आप में एक अनोखा अनुभव है। लेकिन जब यह आरती किसी विशेष तिथि पर होती है, तो उसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब हजारों भक्त रात से ही कतारों में खड़े होकर बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे।

 सुबह 4 बजे से शुरू हुआ दिव्य अनुष्ठान

वैशाख अष्टमी के दिन महाकाल भस्म आरती प्रातः करीब चार बजे शुरू हुई। जैसे ही मंदिर के पट खुले, पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। सबसे पहले भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके लिए दूध, दही, घी, शक्कर और पंचामृत का उपयोग किया गया। इसके बाद भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया, जिसने हर श्रद्धालु को मंत्रमुग्ध कर दिया।

‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर

महाकाल भस्म आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु हाथ जोड़कर बाबा के दर्शन कर रहे थे। कई भक्त भाव-विभोर होकर आंखों में आंसू लिए खड़े नजर आए। यह दृश्य आस्था और विश्वास का अद्भुत उदाहरण बन गया।

विधि-विधान से हुई पूजा और भस्म अर्पण

मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पूजा पूरी विधि-विधान से की गई। सबसे पहले वीरभद्र जी से आज्ञा ली गई। इसके बाद गर्भगृह में सभी देवी-देवताओं का पूजन किया गया। फिर महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। ढोल-नगाड़े, शंख और मंजीरों की ध्वनि के बीच भस्म आरती संपन्न हुई।

देर रात से लगी कतारें

महाकाल भस्म आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु देर रात से ही कतारों में लग गए थे। हर कोई इस दिव्य आरती का हिस्सा बनना चाहता था। खासकर वैशाख अष्टमी के दिन इसका महत्व और बढ़ जाता है। श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक थी कि मंदिर परिसर पूरी तरह भर गया।

महाकाल मंदिर का धार्मिक महत्व

उज्जैन का महाकाल मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां हर दिन हजारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। महाकाल भस्म आरती इस मंदिर की सबसे खास परंपरा है। इसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। वैशाख अष्टमी जैसे खास दिन पर इसका महत्व और बढ़ जाता है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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