उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर तैयारियां का क्रम जोर शोर से चल रहा है। हर जगह तोड़फोड़ और फिर नए निर्माण किया जा रहे हैं। साल 2028 में आने वाले इस आयोजन का काउंटडाउन लगभग शुरू हो चुका है। इस साल 20 से 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। जिसे देखते हुए वृहद स्तर पर तैयारी की जा रही है।
सुरक्षा से लेकर, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन, अखाड़े का स्नान और कई चीज ऐसी है, जिन पर काम किया जा रहा है। इन सारी चीजों को ध्यान में रखते हुए जो अधिकारी इस महापर्व के दौरान पहले से सेवा दे चुके हैं उनसे एक्सपर्ट के तौर पर मदद भी ले जा रही है। ये एक्सपर्ट्स इस बार व्यवस्था संभालने वाली फोर्स को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
सिंहस्थ के लिए फोर्स का प्रशिक्षण
डीजीपी कैलाश मकवाना की ओर से उज्जैन के पुलिस सामुदायिक भवन में प्रदेश भर के एक्सपर्ट्स को बुलवाया गया है और फोर्स का 21 दिन का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। शुक्रवार को इस प्रशिक्षण का पहला दिन है जिसमें जिसमें 2004 में उज्जैन आईजी रहे सेवानिवृत्ति डीजी सरबजीत सिंह और 2016 में एसपी रहे सेवानिवृत्ति डीआईजी मनोहर वर्मा पैदल मेला क्षेत्र घूम कर फोर्स को एक-एक बारीकी से अवगत कराते नजर आए।
अखाड़ों के स्नान रूट
अपने साथ फोर्स को लेकर पहुंचे एक्सपर्ट्स मेला क्षेत्र में शैव, वैष्णव, उदासीन, पंचायती, बड़ा उदासीन और सभी अखाड़ों के स्नान रूट की बारीकी समझते दिखाई दिए। स्नान को लेकर समय प्रबंधन का किस तरह ध्यान रखना है वह भी बताया गया।
चल रहा है चौड़ीकरण
सिंहस्थ को देखते हुए शहर भर में चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इस बारे में अधिकारियों का कहना है कि रोड चौड़े होने की वजह से पिछले सिंहस्थ के मुकाबले काफी अंतर देखने को मिलेगा। आवागमन में श्रद्धालुओं को काफी आसानी होगी।
स्नान के लिए पर्याप्त घाट
लगभग 20 से 30 करोड़ लोगों के आने का आंकलन लगाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए पर्याप्त स्नान घाट मौजूद है। 29 किलोमीटर एरिया में घाटों का निर्माण करवाया गया है।






