उज्जैन पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 किलो 15 ग्राम MD ड्रग्स जब्त की है। इस मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर इस खेप को मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र ले जाने की तैयारी में थे।
यह कार्रवाई चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र में गरुड़ ब्रिज के नीचे की गई, जहां एक संदिग्ध कार काफी देर से खड़ी थी। पुलिस टीम ने जब वाहन की जांच की तो उसमें छिपाकर रखी गई MD ड्रग्स बरामद हुई। इस कार्रवाई के बाद उज्जैन पुलिस की नशा विरोधी मुहिम को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
MD ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में अमित तिवारी बिहार का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी पंकज चरडे नागपुर का निवासी है। पंकज के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे अपराध शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ड्रग्स की यह खेप मंदसौर इलाके से हासिल की गई थी और इसे नागपुर पहुंचाया जाना था। इसके बाद पुलिस ने सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए अलग टीम गठित कर मंदसौर क्षेत्र में जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ दो तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ड्रग्स के अलावा कार, मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की है। बरामद सामान की जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
उज्जैन में नशे के खिलाफ अभियान से बढ़ी कार्रवाई की रफ्तार
पिछले कुछ वर्षों में मध्य प्रदेश के कई शहरों में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी को लेकर पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। उज्जैन भी उन जिलों में शामिल है जहां नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इस वर्ष एनडीपीएस एक्ट के तहत 70 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और दो करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि MD ड्रग्स जैसे सिंथेटिक नशे युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में लेते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई बेहद जरूरी होती है। पुलिस का कहना है कि सिर्फ तस्करों को पकड़ना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क को खत्म करना प्राथमिकता है।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर जिले में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों में कई बड़े मामलों का खुलासा हुआ है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर मुख्य सप्लायर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।






