अयोध्या से सामने आई यह घटना दिल दहला देने वाली है। एक साधारण सफाई का काम देखते ही देखते मौत का कारण बन गया। सेप्टिक टैंक में मौजूद जहरीली गैस ने एक व्यक्ति की जान ले ली, जबकि दूसरा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
कई बार छोटी-छोटी लापरवाही बड़े हादसे का रूप ले लेती है। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां बिना सुरक्षा उपायों के सेप्टिक टैंक की सफाई करना भारी पड़ गया।
कैसे हुई दर्दनाक घटना
यह घटना अयोध्या के हैदरगंज मोहल्ले की है। यहां मकान मालिक गौरव सोनी ने अपने घर का सेप्टिक टैंक साफ कराने के लिए मजदूरों को बुलाया था। काम के दौरान एक मजदूर आदर्श राजभर टैंक में उतरा। कुछ ही देर में वह जहरीली गैस के कारण बेहोश होकर गिर पड़ा। यह देखकर दूसरा मजदूर डर गया और मौके से भाग गया। अयोध्या सेप्टिक टैंक हादसा यहीं से गंभीर हो गया।
मजदूर को बचाने उतरे मकान मालिक, गंवाई जान
मजदूर की हालत देखकर मकान मालिक गौरव सोनी खुद उसे बचाने के लिए टैंक के पास पहुंचे। लेकिन वे भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए और अचेत हो गए। इस घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान हुई मौत, मजदूर की हालत गंभीर
दोनों को दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान गौरव सोनी की मौत हो गई। वहीं मजदूर आदर्श राजभर की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है और अभी तक उसे होश नहीं आया है।
सेप्टिक टैंक हादसों में बढ़ती लापरवाही
अयोध्या सेप्टिक टैंक हादसा कोई पहली घटना नहीं है। देश में इस तरह के हादसे लगातार सामने आते रहते हैं। अक्सर लोग बिना सुरक्षा उपकरणों के टैंक में उतर जाते हैं, जिससे जहरीली गैस का खतरा बढ़ जाता है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और कुछ ही सेकंड में इंसान को बेहोश कर सकती है।
सुरक्षा उपायों की अनदेखी बनी जानलेवा
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सुरक्षा नियमों का पालन कितना जरूरी है। अगर सही उपकरण और सावधानी बरती जाती, तो शायद यह हादसा टल सकता था। अयोध्या सेप्टिक टैंक हादसा ने सभी को सतर्क रहने का संदेश दिया है।






