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मोहिनी एकादशी व्रत के दिन इन नियमों का रखें ध्यान, भूलकर भी न करें ये गलतियां

Written by:Diksha Bhanupriy
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एकादशी व्रत का काफी महत्व माना गया है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली यह तिथि मोहिनी एकादशी कहलाती है। चलिए इस दिन से जुड़े कुछ जरूरी नियम जान लेते हैं।
मोहिनी एकादशी व्रत के दिन इन नियमों का रखें ध्यान, भूलकर भी न करें ये गलतियां

हिंदू धर्म में एकादशी की तिथि का बहुत अधिक महत्व माना गया है। इस व्रत को बहुत ही नियम के साथ किया जाता है। ये दिन भगवान विष्णु की पूजा से जुड़ा हुआ है, जो व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि लेकर आता है। एकादशी तिथि की शुरुआत एक दिन पहले यानी दशमी से हो जाती।

अगर आप एकादशी का व्रत कर रहे हैं तो एक दिन पहले से कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है। अगर व्रत का पूर्ण लाभ पाना चाहते हैं तो जरूरी नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है। चलिए आपको बता देते हैं कि कौन से नियम है जिनका पालन करना चाहिए ताकि व्रत में बाधा ना आए।

कब है मोहिनी एकादशी व्रत

वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 26 अप्रैल को शाम 6:06 पर शुरू होने वाली है। इसका समापन 27 अप्रैल को शाम 6:15 पर होगा। उदया तिथि के अनुसार ये व्रत सोमवार 27 अप्रैल को किया जाएगा।

एकादशी के जरूरी नियम

  • एकादशी व्रत के नियमों का पालन दशमी तिथि से करना होता है। याद रखें कांसे के बर्तन में भोजन व्रत के पारण से पहले नहीं करना चाहिए।
  • दशमी तिथि की शाम से सात्विक और हल्का भोजन करें और चावल का सेवन बिलकुल न करें।
  • इस दौरान ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है। अगर संभव है तो जमीन पर सोना चाहिए।

भोग के समय याद रखें ये नियम

एकादशी पर भगवान विष्णु को भोग लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी के बिना वह भोग स्वीकार नहीं करते। तुलसी दल हमेशा भोग में शामिल करें। आप चाहे तो एक दिन पहले दशमी तिथि पर सूर्यास्त से पहले तुलसी दल तोड़ कर रख सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

एकादशी के दिन कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन तुलसी में जल नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा कहते हैं कि इस अवसर पर मां तुलसी निर्जला व्रत रखती हैं और अगर उन्हें जल अर्पित किया जाता है तो उनका व्रत खंडित हो जाता है। इसलिए इस दिन तुलसी को तोड़ना या स्पर्श करना भी शुभ नहीं होता। इस दिन व्यक्ति को बाल धोना या कटवाना नहीं चाहिए और नाखून काटना भी मना होता है। इस दिन पूजा में काले रंग के कपड़े बिल्कुल न पहनें क्योंकि यह शुभ नहीं होते।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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