हिंदू धर्म में महीने में आने वाली हर एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है। वैसे तो हर तिथि खास है लेकिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली मोहिनी एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए खास माना गया है।
अप्रैल के महीने मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल यानी आज है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक समुद्र मंथन के दौरान दानवों से अमृत वापस पाने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी स्वरूप धारण किया था। यही कारण है कि इस व्रत को मन और आत्मा की शुद्धि के लिए विशेष माना गया है। चलिए आज के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और नियमों के बारे में जान लेते हैं।
मोहिनी एकादशी का शुभ मुहूर्त
एकादशी की तिथि का आरंभ 26 अप्रैल को शाम 6 बजकर 6 मिनट पर हो चुका है। इसका समापन 27 अप्रैल को शाम 6.15 मिनट पर होगा। उदया तिथि के मुताबिक ये व्रत 27 अप्रैल को किया जाएगा।
कैसे करें पूजा
भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्ति भाव की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। चलिए जानते हैं कि आपको इस दिन किस तरह से पूजा करनी चाहिए-
- सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। अब आपको भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना होगा।
- विष्णु जी को पीला रंग पसंद है इसलिए उन्हें पीले फूल, चंदन और मौसमी फल जरूर अर्पित करें।
- अगर आप अपने काम में लगे हुए हैं तो भी मानसिक तौर पर दिन भर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जाप सकते हैं।
- पूजा के अंत में आपको आरती कर जाने अनजाने में हुई गलती के लिए भगवान से माफी मांगनी है।
न करें ये भूल
- एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है। इस दिन चावल खाना अशुद्धि का कारण बनता है।
- व्रत के दौरान लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए। सात्विक आहार मन को शांत रखने का काम करता है।
- भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय है। एकादशी के दिन इसे बिल्कुल ना तोड़े। भोग लगाने लिए एक दिन पहले तोड़ कर रख सकते हैं।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।






