हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का काफी महत्व माना गया है। ये ऐसा दिन है जिसे मनोकामकाओं को पूर्ति से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन को मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा से जोड़कर देखा जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन कुंडली में मौजूद विवाह दोष को दूर करने के लिए भी यह दिन बहुत खास है।

कई बार ऐसा होता है कि कुंडली में विवाह दोष होने की वजह से शादी में देरी होने जैसी परेशानी देखने को मिलती है। अगर आप या आपके आसपास का कोई व्यक्ति इस तरह की परेशानियों का सामना कर रहा है तो प्रदोष व्रत पर किए गए कुछ उपाय के जरिए इस परेशानी से छुटकारा पा सकता है। चलिए इन उपायों के बारे में जान लेते हैं।

कैसे करें पूजा

प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। अपने मन में महादेव के मंत्रों का जाप करते रहें। इतना याद रखें कि मुख्य पूजा प्रदोष काल में ही की जाती है। पूजा के समय आपको शिवलिंग पर बेलपत्र, अक्षत और धतूरा चढ़ाना है। इस दौरान माता पार्वती के चरणों में हल्दी का तिलक लगाएं। सबसे आखिर में आपको आरती कर आशीर्वाद लेना है।

प्रदोष पर शीघ्र विवाह के उपाय

करें माता गौरी का श्रृंगार

प्रदोष व्रत की पूजा के समय माता पार्वती को लाल चुनरी, सिंदूर, चूड़ी, बिंदी और मेहंदी सहित 16 श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। इस उपाय से कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और विवाह में आ रहे हैं सारी बढ़ाएं दूर हो जाती है।

केसर दूध से अभिषेक

प्रदोष काल के समय शिवलिंग पर अगर केसर मिश्रित गाय के दूध से अभिषेक किया जाए तो यह बहुत शुभ होता है। इस समय ॐ गौरीशंकर नमः मंत्र का जाप जरुर करें। यह उपाय उन लोगों के लिए बहुत फलदायक है। जिन पर मंगल या शनि की दृष्टि बनी हुई है और विवाह में देरी हो रही है।

पीले फूल और वस्त्र

बृहस्पति विवाह का कारक होता है। उन्हें प्रसन्न करने के लिए माता गौरी और महादेव को पीले फूल अर्पित करें। इसके बाद किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को पीले कपड़े और अन्न का दान करें। इससे विवाह के योग बनने लगते हैं।

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