हिंदू धर्म में हर महीने का अपना महत्व होता है, लेकिन वैशाख महीना उन सभी में सबसे खास माना जाता है। यह सिर्फ एक कैलेंडर का महीना नहीं, बल्कि आस्था, पुण्य और अच्छे कर्मों का समय होता है। मान्यता है कि इस महीने में किए गए छोटे-छोटे अच्छे काम भी कई गुना फल देते हैं।
जब चैत्र पूर्णिमा समाप्त होती है, उसी के अगले दिन से वैशाख महीने की शुरुआत होती है। इस बार भी लोग इस पवित्र महीने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसे जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला महीना माना जाता है।
वैशाख महीना 2026 कब से शुरू हो रहा है
पंचांग के अनुसार वैशाख महीना 2026 की शुरुआत 3 अप्रैल से होगी और यह 1 मई 2026 तक रहेगा। वैशाख कृष्ण प्रतिपदा तिथि 2 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट से शुरू होगी और 3 अप्रैल को सुबह 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार 3 अप्रैल से वैशाख महीने का आरंभ माना जाएगा। इस बार वैशाख महीने की शुरुआत भी शुभ योगों में हो रही है, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है।
शुभ योगों में शुरू हो रहा है वैशाख महीना
इस साल वैशाख महीने की शुरुआत व्याघात योग और चित्रा नक्षत्र में हो रही है। इसके बाद हर्षण योग और स्वाति नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है। इन शुभ योगों में शुरू होने वाला वैशाख महीना बहुत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस समय किए गए पूजा-पाठ और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए इस बार वैशाख महीने को और भी खास माना जा रहा है।
वैशाख महीने का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार वैशाख महीना साल का सबसे श्रेष्ठ महीना माना गया है। स्कंद पुराण में इसका विशेष उल्लेख मिलता है। कथा के अनुसार, देवर्षि नारद ने राजा अंबरीष को बताया था कि जैसे पेड़ों में कल्पतरु, गायों में कामधेनु और पक्षियों में गरुड़ श्रेष्ठ हैं, वैसे ही महीनों में वैशाख सबसे उत्तम है। इस महीने में किए गए स्नान, दान और पूजा से मिलने वाला पुण्य अक्षय होता है, यानी वह कभी खत्म नहीं होता। यही कारण है कि इसे पुण्य कमाने का सबसे अच्छा समय माना जाता है।
वैशाख महीने में क्या करना चाहिए
वैशाख महीने में कुछ खास काम करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान जल का दान सबसे उत्तम माना गया है। आप राहगीरों के लिए प्याऊ लगा सकते हैं या लोगों को पानी और शरबत पिला सकते हैं। पक्षियों के लिए दाना-पानी रखना भी बहुत पुण्यदायी होता है। गर्मी के मौसम में यह काम और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। इसके अलावा गरीबों को जूते, छाता और सूती कपड़े दान करना चाहिए। यह दान बहुत फलदायी माना जाता है। रोजाना भगवान विष्णु की पूजा करना और पितरों के लिए जल का तर्पण करना भी इस महीने में विशेष लाभ देता है।
मेष संक्रांति और नए सौर वर्ष की शुरुआत
वैशाख महीने की एक और खास बात यह है कि इसी दौरान नया सौर वर्ष भी शुरू होता है। जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है, तो उसे मेष संक्रांति कहा जाता है। इस साल यह 14 अप्रैल 2026 को पड़ रही है। इस दिन से नया सौर वर्ष शुरू होता है, जो भारतीय पंचांग में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
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