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Puja Path Niyam: घर में रखते हैं मूर्ति तो जान लें ये 6 नियम, साइज-दिशा का रखें ख्याल, वरना नाराज हो जाएंगे देवी-देवता 

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घर में मूर्ति रखने के दौरान कुछ नियमों का पालन न किया जाए तो इसका उल्टा परिणाम भी मिल सकता है। देवी-देवता नाराज हो सकते हैं।

Puja Path Niyam: हिंदू धर्म में मूर्ति या तस्वीर का विशेष महत्व होता है। मूर्ति को देवी देवताओं का प्रतीक माना जाता है। ईश्वर की छवि के रूप में लोग मूर्तियों की पूजा-उपासना करते हैं।  मूर्ति और तस्वीर को आध्यात्मिक ऊर्जा  का प्रतीक माना जाता है। लोग अपने घर में देवी-देवताओं की मूर्ति और तस्वीरें रखकर उनका ध्यान करते हैं और उनकी पूजा करते हैं। लेकिन घर में मूर्ति रखने के दौरान कुछ नियमों का पालन न किया जाए तो इसका उल्टा परिणाम भी मिल सकता है। कई प्रकार के नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जानें मूर्ति रखते समय किन-किन नियमों का पालन करना जरूरी होता है-

घर में ना रखें ये मूर्तियाँ 

शास्त्रों के अनुसार घर में भगवान शिव के रूद्र नटराज और शिवलिंग की मूर्ति रखना शुभ नहीं माना जाता।इसके अलावा घर में शनिदेव, तीन गणेश, तीन दुर्गा मूर्ति और गोमती चक्र रखना भी अशुभ माना जाता है।

एक भगवान की अनेक मूर्तियाँ न रखें

एक ही भगवान की अलग-अलग मूर्तियां रखना अशुभ माना गया है। ऐसा करने से घर के आसपास नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।  किसी भी देवी-देवता की  दो से अधिक मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। ये नियम तस्वीरों पर भी लागू होते हैं। यदि आपके घर में दो से अधिक मूर्ति है तो उनके मुख की दिशा बदल  दें उनके।

खंडित मूर्ति रखना अशुभ

घर में खंडित मूर्ति रखना भी अशुभ माना जाता है। यदि आपके घर में ऐसी मूर्तियां हैं तो उन्हें विधि-विधान के साथ पवित्र नदियों में प्रवाहित कर दें। 

साइज़ का रखें विशेष ख्याल

घर के मंदिर में रखने वाली मूर्तियों की साइज भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। वास्तु के अनुसार देवी-देवताओं की मूर्ति एक अंगुल से लेकर 12 उंगली तक होनी चाहिए।

इन चीजों से निर्मित मूर्ति रखें

घर में हमेशा तांबा, चांदी, अष्टधातु, सोनी, मिट्टी, पत्थर और लकड़ी से बनी मूर्तियों को रखना ही शुभ माना जाता है।

दिशा का भी रखें ख्याल

यदि आप अपने घर में मूर्तियों को रख रहे हैं तो उनके आकार के साथ-साथ दिशा का भी विशेष ख्याल रखें। गणेश जी, मां दुर्गा, कुबेर इत्यादि मूर्तियों की मूर्तियों को उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है, इनका मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। उत्तर-पूर्वी दिशा में देवी द-वताओं की मूर्ति को रखना उचित माना जाता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो ग्रंथों, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
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