अगर घर में लगातार तनाव बना रहता है, रिश्तों में खटास आ रही है या छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई हो रही है, तो इसका असर न सिर्फ मानसिक शांति पर पड़ता है बल्कि घर के माहौल को भी खराब करता है। ऐसे में शिवपुराण में बताई गई एक आसान सी फूलों की आस्था से जुड़ी टिप आपको राहत दे सकती है।
हिंदू धर्म में भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है, जो थोड़े से प्रयास से भी प्रसन्न हो जाते हैं। खासकर सावन के महीने में अगर कुछ खास फूल शिवलिंग पर चढ़ाए जाएं, तो जीवन से नेगेटिविटी दूर होती है और सुख-शांति का वास होता है। आइए जानते हैं वो कौन से दो फूल हैं जिनका उल्लेख खुद शिवपुराण में किया गया है।
शिवलिंग पर कौन से फूल चढ़ाने से दूर होता है गृह क्लेश?
आक के फूल से खुश होते हैं भोलेनाथ
शिवपुराण में आक यानी मदार के फूल का विशेष महत्व बताया गया है। इसे भगवान शिव का प्रिय फूल माना जाता है। मान्यता है कि सोमवार के दिन शिवलिंग पर आक का फूल चढ़ाने से परिवार के सदस्यों के बीच चल रही तकरार और ग़लतफ़हमियाँ दूर होती हैं। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। ये फूल अक्सर सड़कों या खुले मैदानों में आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन इन्हें बिना धोए शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए।
धतूरा चढ़ाने से होती है मानसिक शांति
धतूरा एक ऐसा फूल है जो अक्सर मंदिरों में भोलेनाथ को चढ़ाया जाता है। शिवपुराण के अनुसार, ये फूल भगवान शिव की तीसरी आंख की अग्नि को शांत करता है और पूजा में शामिल करने से व्यक्ति के भीतर की नकारात्मकता बाहर निकलती है। अगर घर के सदस्य मानसिक तनाव या क्रोध की स्थिति से गुजर रहे हैं, तो हर सोमवार धतूरा चढ़ाना गृह कलह को कम करने में मदद कर सकता है।
इन फूलों को चढ़ाते समय बरतें ये सावधानियाँ
शिवलिंग पर फूल चढ़ाते समय शुद्धता और श्रद्धा का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है। फूल टूटे या सूखे नहीं होने चाहिए। आक और धतूरा दोनों ही ज़हरीले माने जाते हैं, इसलिए इन्हें बच्चों से दूर रखें और पूजा के बाद हाथ ज़रूर धोएं। इसके अलावा, फूल चढ़ाते समय “ॐ नम: शिवाय” मंत्र का जाप करें, ताकि आपकी प्रार्थना सीधे भोलेनाथ तक पहुंचे और घर में सुख-शांति बनी रहे।






