हिंदू धर्म में अलग-अलग महीने आते हैं, जिनका अपना महत्व माना गया है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक चैत्र माह के खत्म होने के साथ ही वैशाख के महीने की शुरुआत हो जाती है। धार्मिक ग्रंथो में इस महीने को बहुत पवित्र माना गया है। इसे माधव मास के नाम से पहचानते हैं और यह भगवान विष्णु का सबसे प्रिय महीना है।
धार्मिक ग्रंथो में दिए गए उल्लेख के मुताबिक यह सबसे महत्वपूर्ण महीना है। स्कंद पुराण में यह बताया गया है कि इस महीने के समान कोई दूसरा महीना नहीं है क्योंकि इसमें किया गया छोटा सा दान भी अक्षय फल प्रदान करने का काम करता है। चलिए जान लेते हैं कि इसकी शुरुआत कब से हो रही है और किन चीजों का दान करना चाहिए।
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कब होगी वैशाख महीने की शुरुआत
साल 2026 में वैशाख महीना 3 अप्रैल दिन बुधवार से शुरू हो रहा है। चैत्र पूर्णिमा के अगले दिन आने वाली प्रतिपदा अतिथि से इसकी शुरुआत मानी जाती है। ज्योतिष के मुताबिक इस समय सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं जिससे गर्मी बढ़ जाती है। इस माह के नियम प्रकृति और लोगों की सेहत से जुड़े हुए हैं।
दान का है महत्व
वैशाख के महीने में दान का बहुत महत्व माना गया है। इसमें सबसे ज्यादा महत्व जल के दान का है। शास्त्र के मुताबिक इस महीने में जो व्यक्ति प्यासे को पानी पिलाता है, उसे पुण्य फल की प्राप्ति होती है। आप किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को पानी पिला सकते हैं या फिर रास्ते में आने जाने वाले लोगों के लिए प्याऊ लगवा सकते हैं। ऐसा करने से कहीं सारे यज्ञों के समान फल की प्राप्ति होती है। इस महीने में जल से भरा हुआ कलश, सत्तू, खरबूजा, चप्पल, पंखा और छाता दान करने का महत्व माना गया है।
क्या है नियम
- वैशाख के महीने के नियमों की बात करें तो इस महीने में किसी पवित्र नदी या फिर घर में रखें गंगाजल को पानी में मिलाकर स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति के सभी पाप खत्म हो जाते हैं।
- इस महीने में व्यक्ति को सात्विक भोजन करना चाहिए इससे मन को शांति मिलती है।
- प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा करें और तुलसी के पौधे पर जल चढ़ाएं। शाम के समय तुलसी के पास दीपक अवश्य लगाएं।
- इस महीने में व्यक्ति को मन, कर्म और वचन से शुद्ध रहते हो ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।