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चैत्र नवरात्रि 2025: रीवा के रानी तालाब मंदिर में आस्था का सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

Written by:Sanjucta Pandit
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हर साल की तरह इस साल भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
चैत्र नवरात्रि 2025: रीवा के रानी तालाब मंदिर में आस्था का सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

देशभर में चैत्र नवरात्रि की धुन देखने को मिल रही है। गली मोहल्ले में माता रानी की प्रतिमाएं स्थापित कर उनकी पूजा अर्चना की जा रही है। बच्चों सहित बड़े में भी उल्लास दिखाई दे रहा है। सुबह से ही भक्त मंदिरों में पहुंच चुके हैं और उनकी पूजा अर्चना में जुटे हुए हैं। नवरात्रि हिंदू धर्म का प्रमुख त्यौहार है, जब मां दुर्गा के 9 दिव्या रूपों की पूजा की जाती है। यह वर्ष में चार बार आता है, लेकिन मुख्य रूप से चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। वहीं, अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन भी किया जाता है। जिसमें छोटी बच्चियों को देवी का स्वरूप मानकर, उन्हें भोजन कराया जाता है।

वहीं, मध्य प्रदेश के रीवा में भी नवरात्रि की धूम देखने को मिल रही है। रानी तालाब स्थित 450 साल पुरानी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह 4:00 बजे ही मंदिर के पट को भक्तों के लिए खोल दिया गया।

मेले का भी आयोजन

हर साल की तरह इस साल भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सड़कों पर जगह-जगह बैरिकेट्स लगा दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अफरा-तफरी ना मचे। मंदिर परिसर में मेले का भी आयोजन किया गया है, जिसमें विभिन्न प्रकार की दुकान लगाई गई है, जहां भक्ति मंदिर में दर्शन करने के बाद पहुंच रहे हैं और मेले का आनंद उठा रहे हैं।

मान्यता

मान्यताओं के अनुसार, वर्षों पहले एक व्यापारी माता की मूर्ति लेकर जा रहा था। भगवान ने उसे यह आदेश दिया था कि उस मूर्ति को वह कहीं भी ना रखें, लेकिन चलते-चलते वक्त थक गया था। तब उसने थोड़ी देर मूर्ति को रखकर आराम करने की सोची। जब उसने इसे एक पेड़ पर टिकाया तो मूर्ति वहीं पर स्थाई रूप से स्थापित हो गई। तब से इस स्थान को माता का पवित्र धाम माना गया है।

हजारों भक्त आते हैं दर्शन करने

मंदिर के मुख्य पुजारी देवी प्रसाद ने बताया कि नवरात्रि के दौरान हर दिन लगभग 20 हजार से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। वहीं, अष्टमी और नवमी के दिन माता का स्वर्ण श्रृंगार किया जाता है, जिसे देखने के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेश से भी भक्तगण आते हैं। इसके अलावा, भंडारे का भी आयोजन किया जाता है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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