मध्य प्रदेश के सतना और रीवा से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवक, जिसे किडनी में मामूली पथरी की शिकायत थी, इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत हो गई। रीवा मेडिकल लापरवाही मामला अब बड़ा रूप ले चुका है, जहां परिजनों का गुस्सा सड़कों पर दिख रहा है और न्याय की मांग तेज हो गई है।
किडनी ऑपरेशन बना जानलेवा
जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की समस्या थी। इलाज के लिए उन्हें सतना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी।
4 अप्रैल को करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन चला। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टरों ने गंभीर लापरवाही की और जिस किडनी में समस्या थी, उसके अलावा दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया। रीवा मेडिकल लापरवाही मामला यहीं से गंभीर हो गया, क्योंकि एक छोटी बीमारी का इलाज जीवन के लिए खतरा बन गया।
रीवा रेफर, लेकिन नहीं बच पाई जान
ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। रीवा पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच की, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। बताया गया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था और उसे धागे से बांध दिया गया था, जिससे खून का रिसाव हो रहा था। हालात इतने बिगड़ चुके थे कि डॉक्टरों को दूसरी किडनी भी निकालनी पड़ी। इसके बाद मरीज की हालत लगातार खराब होती गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। रीवा मेडिकल लापरवाही मामला यह दिखाता है कि एक गलत फैसला या लापरवाही किस तरह किसी की जान ले सकती है।
परिजनों का फूटा गुस्सा
युवक की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पहले कोलगवां थाना के पास शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। बाद में पुलिस की समझाइश पर वे हटे, लेकिन फिर अस्पताल के बाहर शव रखकर धरने पर बैठ गए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच झड़प भी देखने को मिली। रीवा मेडिकल लापरवाही मामला अब सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि यह सिस्टम के खिलाफ गुस्से का प्रतीक बन गया है।
20 करोड़ मुआवजे और कार्रवाई की मांग
परिजनों ने इस मामले में डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने 20 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग भी की है। मृतक की मां ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे को मामूली बीमारी थी, लेकिन गलत इलाज के कारण उसकी जान चली गई। रीवा मेडिकल लापरवाही मामला अब कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ रहा है, जहां परिवार न्याय की उम्मीद कर रहा है।
जांच के घेरे में अस्पताल और डॉक्टर
परिजनों ने बताया कि उन्होंने पहले भी सीएमएचओ को शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है। सीएमएचओ ने कहा है कि मामले की जांच के लिए टीम बनाई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






