सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सरस्वती मैरिज गार्डन के पास स्थित एक लकड़ी टाल में अचानक भीषण आग लग गई। रवि कोरी के इस लकड़ी टाल में देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और अंदर रखी भारी मात्रा में लकड़ियां धू-धूकर जलने लगीं। आग की ऊंची लपटें और आसमान में उठता धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोग दहशत में आ गए।
सेना की दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
भीषण लपटों पर काबू पाने के लिए करीब 10 फायर ब्रिगेड वाहनों को एक साथ मोर्चे पर तैनात किया गया। सेना और नगर निगम की दमकल गाड़ियों ने लगातार पानी की बौछारें कीं, तब जाकर कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जमा हुई भीड़ को दूर हटाया ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए और दमकल की गाड़ियों को रास्ता आसानी से मिल सके।
पास के दूसरे टालों तक फैलने से टला बड़ा हादसा
दरासल, जिस लकड़ी टाल में आग भड़की थी, उसके ठीक आसपास कई अन्य व्यापारियों के लकड़ी टाल भी स्थित हैं। ऐसे में अगर लपटें थोड़ी देर और बेकाबू रहतीं, तो पूरा इलाका आग की चपेट में आ सकता था। पुलिस और दमकल कर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सबसे पहले आग को चारों तरफ फैलने से रोका। इसके साथ ही टाल के अंदर खड़े कई वाहनों को भी समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अधिकारियों का बयान और जांच की स्थिति
मामले की जानकारी देते हुए नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप ने बताया कि जैसे ही मोतीनगर थाने के पास टाल में आग लगने की सूचना मिली, वैसे ही पुलिस बल और फायर ब्रिगेड को रवाना कर दिया गया था। उन्होंने पुष्टि की कि सेना और नगर निगम के संयुक्त प्रयासों से अब आग पूरी तरह से बुझ चुकी है और स्थिति नियंत्रण में है। फिलहाल इस घटना में किसी जनहानि की खबर नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है।
नुकसान के आकलन और कारणों का पता लगाने में जुटी पुलिस
घटना के बाद अब पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के असली कारणों की पड़ताल में जुट गए हैं। शुरुआती दौर में आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिसकी जांच की जा रही है। इसके अलावा आग की चपेट में आकर जलीं लकड़ियों और अन्य सामग्री से हुए कुल आर्थिक नुकसान का सटीक आकलन भी पुलिस और दमकल विभाग द्वारा जांच पूरी किए जाने के बाद ही साफ हो सकेगा।






