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जिला सहकारी बैंक सतना के CEO को 96,000 रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

धान खरीदी एक सरकारी प्रक्रिया है और शासन के निर्देश के अनुसार समितियां खरीदी करती है लेकिन इसमें भी भ्रष्ट अधिकारी रिश्वत की मांग करते हैं और रंगे हाथ पकड़े जाते हैं।
Satna District Cooperative Bank CEO arrested accepting bribe

Satna District Cooperative Bank CEO arrested accepting bribe

रीवा लोकायुक्त पुलिस की टीम ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला सहकारी बैंक सतना में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी कृष्ण चंद्र शर्मा को समिति प्रबंधक से  96,000/- रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हतः गिरफ्तार किया है।

रीवा लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि  ग्राम अमरैया पोस्ट दुआरी जेपी रोड जिला रीवा के निवासी सिद्धार्थ ओझा ने एक शिकायती आवेदन उनके कार्यालय में दिया था जिसमें उन्होंने  जिला सहकारी बैंक सतना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कृष्ण चंद्र शर्मा (केसी शर्मा) पर 1 लाख रुपये रिश्वत मांगने एक आरोप लगाये थे।

समिति प्रबंधक से बैंक के CEO ने मांगी रिश्वत 

शिकायतकर्ता सिध्दार्थ ओझा ने आवेदन में बताया कि वो जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जिला सतना अंतर्गत शाखा नागौद में समिति प्रबंधक के पद पर पदस्थ हैं उसके कार्य क्षेत्र में तीन समितियां पटवारा, रीछुल एवं दुरेहा आती हैं। वो जिला सहकारी बैंक सतना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कृष्ण चंद्र शर्मा के अधीन पदस्थ है।

धान खरीदी में मांग रहे थे 1 लाख रुपये कमीशन 

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने वर्ष 2025- 26 में 32300 कुंटल धान की खरीदी समितियों के माध्यम से की थी। सीईओ केसी शर्मा धान खरीदी के कमीशन के रूप में 1,00,000/रुपये (एक लाख रुपए ) रिश्वत की मांग कर रहे हैं और वो रिश्वत नहीं देना चाहता।

रिश्वत लेते CEO रंगे हाथ गिरफ्तार 

शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम ने सत्यापन किया, सत्यापन के दौरान सीईओ केसी शर्मा ने 3 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 96000/- रुपये की मांग की। रिश्वत मांगने का प्रमाण मिलने पर आज 19 अगस्त को टीम गठित कर सतना भेजी गई और केसी शर्मा को 96000/- रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।  लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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