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साइंस-टेक्नोलॉजी पर 5 साल में 492 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करेगी मोहन सरकार, मध्यप्रदेश में नई योजनाओं को मिलेगी रफ्तार

कैबिनेट बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए अगले पांच वर्षों की योजनाओं पर फैसला, मंत्री राकेश सिंह ने दी जानकारी
MP Cabinet Meeting

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मध्यप्रदेश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़ी योजनाओं को अगले पांच वर्षों में बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 18 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में इस क्षेत्र के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का प्रावधान किया गया है। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने फैसले की जानकारी दी।

राकेश सिंह ने बताया कि सरकार का फोकस प्रदेश में साइंस और टेक्नोलॉजी से जुड़े कामों को विस्तार देने पर है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 492 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं संचालित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का बजट बढ़कर 734 करोड़ रुपये हो गया है।

साइंस-टेक्नोलॉजी को लेकर सरकार का बड़ा फोकस

कैबिनेट बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को लेकर भविष्य की योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया। सरकार का कहना है कि नए प्रावधान से प्रदेश में इस क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने मौजूदा बजट की तुलना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार से भी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का बजट महज 6 करोड़ रुपये था, जबकि भाजपा सरकार में यह बढ़कर 734 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने इसे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र को सरकार की ओर से दी जा रही प्राथमिकता से जोड़ा।

पीएम मोदी के संकल्पों में MP की भूमिका

राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से जिन संकल्पों की घोषणा की है, उन्हें पूरा करने में मध्यप्रदेश की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इसी दिशा में प्रदेश सरकार विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित अलग-अलग क्षेत्रों में नई योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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