मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार, 18 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई है। बैठक में प्रदेश के विकास, युवा, महिलाओं, किसानों, जनहित और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई गई। लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह द्वारा कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी गई।
मोहन कैबिनेट बैठक फैसले
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए आगामी 5 वर्षों के लिए 492 करोड़ से अधिक की योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का कुल बजट पहले मात्र 6 करोड़ था, जो अब बढ़कर 734 करोड़ हो गया है।
- नशा मुक्त भारत के लिए 100 सप्ताह का व्यापक अभियान चलाया जाएगा, जिसमें समाज के महत्वपूर्ण घटकों और वर्गों का भी सहयोग लिया जाएगा।
- 5 से 15 वर्ष आयु के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा। चयनित बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में तैयार किया जाएगा।
- युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही आगामी एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।
- प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं तकनीकी प्रगति समेत अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए लगभग 1,46,000 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
- लाड़ली बहना योजना में 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपए और लाड़ली लक्ष्मी योजना में 16 हजार 326 रुपए खर्च होंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 को अगले पांच साल तक जारी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना भी जारी रहेगी।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखा जाएगा। इसमें 60% केंद्रांश और 40% राज्यांश रहेगा। योजना के लिए पांच साल में 2,137 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
- लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की मौजूदा योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए पांच साल में 11,835 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
- कृषि शिक्षा अनुसंधान विस्तार पर 870 करोड़ सहित अन्य योजनाओं में कार्य किए जाएंगे। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नई तकनीक, अनुसंधान और किसानों तक उपयोगी जानकारी एवं तकनीकी सहायता पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करना है।
- मां नर्मदा जी मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी है। प्रदेश की 35 प्रतिशत से अधिक आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनसे जुड़ी हुई है और मां नर्मदा पर निर्भर है। मां नर्मदा का जल अविरल बनाए रखने के लिए ‘अविरल मां नर्मदा मिशन’ के गठन की स्वीकृति प्रदान की गई है।
- मध्यप्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। आगामी एक वर्ष में बड़ी संख्या में एक्सप्रेसवे एवं अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इन परियोजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों के सृजन की स्वीकृति का निर्णय आज कैबिनेट में लिया गया है।
- किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की 500 करोड़ रुपए से कम वित्तीय आकार वाली तीन विभागीय योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इनकी अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक रहेगी।
कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में शुरू हुए “मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान” के अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सभी मंत्री जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। इस अभियान के तीसरे सप्ताह में मुख्यमंत्री टीकमगढ़ जिले में जनसंवाद करेंगे।
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। योजना में डिंडोरी जिला पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा है। इसके लिए डिंडोरी जिले और पूरी टीम को बधाई दी गई है। डिंडोरी मॉडल का अनुसरण करते हुए प्रदेश के अन्य जिले भी बेहतर कार्य करें, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से घोषित संकल्पों की सिद्धि में मध्यप्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने राज्यों को इकाई मानते हुए ‘सप्त धारा’ की संकल्पना भी है। सप्त धारा में पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग पावर, दूसरी शक्ति कृषि और फूड प्रोडक्शन, तीसरी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, चौथी गति शक्ति, पांचवीं रक्षा शक्ति, छठी ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी, जिसके कारण ग्रीन जॉब्स उत्पन्न होते हैं। सातवीं शक्ति के रूप में भारत की सॉफ्ट पावर को शामिल किया गया है। इसमें योग, अध्यात्म, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हैंडीक्राफ्ट, संस्कृति, सकारात्मक फिल्में, क्रिएटिव वर्ल्ड, एनिमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट शामिल हैं।






