मध्य प्रदेश में किसानों को समय पर भुगतान दिलाने के लिए सरकार ने धान खरीदी व्यवस्था बनाई, लेकिन इसी व्यवस्था में भ्रष्टाचार की सेंध लगती जा रही है। सिवनी जिले के समनापुर धान खरीदी केंद्र से सामने आया मामला किसानों के भरोसे को झकझोर देने वाला है। यहां लोकायुक्त की टीम ने धान खरीदी प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
किसान की शिकायत से खुला रिश्वत का खेल
लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत एक किसान की हिम्मत से हुई। सिवनी जिले के ग्राम भौमाटोला निवासी दुर्गेश चंद्रवंशी ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने समनापुर धान खरीदी केंद्र में अपनी धान की तुलाई करवाई थी, लेकिन भुगतान के लिए जरूरी चालान देने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। सेवा सहकारी समिति उड़ेपानी के सेल्समैन और वर्तमान खरीदी प्रभारी हसीब अंसारी ने किसान से 1800 रुपये की रिश्वत मांगी थी। किसान ने यह रकम देने से इनकार किया और सीधे लोकायुक्त से संपर्क किया। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद कार्रवाई की योजना बनाई गई।
लोकायुक्त की प्लानिंग और रंगे हाथ गिरफ्तारी
गुरुवार दोपहर को किसान तय योजना के तहत रिश्वत की रकम लेकर धान खरीदी केंद्र पहुंचा। खरीदी प्रभारी हसीब अंसारी ने खुद पैसा लेने के बजाय कंप्यूटर ऑपरेटर मुकेश ठाकुर को रकम लेने के लिए कहा। जैसे ही कंप्यूटर ऑपरेटर ने किसान से रिश्वत की रकम ली और अपने पास रखी, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने दबिश दे दी। लोकायुक्त टीम ने पूरी सावधानी और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया। रिश्वत की रकम मौके से बरामद की गई और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में सामने आई है।





