दुकली गांव में सोमवार को एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। खेत में बने एक पुराने कुएं के पास मौजूद तीन महिलाएं अचानक हुए भू-धंसाव की चपेट में आ गईं। देखते ही देखते कुएं की दीवार और आसपास की मिट्टी भरभराकर गिर गई, जिससे महिलाएं मलबे के नीचे दब गईं। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि महिलाओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर पर बचाव की कोशिश की, लेकिन कुएं की गहराई और लगातार खिसक रही मिट्टी के कारण काम मुश्किल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। शुरुआती प्रयास में एक महिला को जिंदा बाहर निकाल लिया गया, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया।
10 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद प्रशासन ने मौके पर विशेष बचाव दल तैनात किया। कुएं के आसपास की मिट्टी लगातार धंस रही थी, जिससे रेस्क्यू टीम को काफी सावधानी के साथ काम करना पड़ा। बचावकर्मियों ने जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया।
करीब 10 घंटे तक चले अभियान के बाद सबसे पहले एक महिला का शव देर रात करीब 1 बजे बाहर निकाला गया। इसके बाद लगातार तलाश जारी रही और लगभग एक घंटे बाद दूसरी महिला का शव भी बरामद कर लिया गया। दोनों मृतक मां और बेटी बताई जा रही हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कुआं अचानक क्यों धंसा और क्या उसकी स्थिति पहले से कमजोर थी।
पुराने कुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल, ग्रामीणों में डर का माहौल
इस घटना के बाद इलाके में बने पुराने कुओं और जल स्रोतों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई खेतों में दशकों पुराने कुएं मौजूद हैं, जिनकी समय-समय पर जांच नहीं होती। बारिश, मिट्टी के कटाव और रखरखाव की कमी के कारण ऐसे कुएं कमजोर हो जाते हैं और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में मौजूद पुराने और जर्जर कुओं का सर्वे कराया जाए। विशेषज्ञों का भी मानना है कि खुले और पुराने कुओं के आसपास सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। फिलहाल दुकली गांव में मातम का माहौल है और पूरा गांव मां-बेटी की मौत से दुखी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है, जबकि घायल महिला का इलाज जारी है।






