मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में एक मासूम बच्ची की कहानी ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सड़क किनारे मिली बच्ची को देखकर पहले तो लगा कि किसी ने उसे यूं ही छोड़ दिया होगा, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, एक खौफनाक सच्चाई सामने आई।
यह मामला सिर्फ एक बच्ची को छोड़ने का नहीं था, बल्कि इसके पीछे बाल तस्करी का पूरा नेटवर्क काम कर रहा था। श्योपुर बाल तस्करी केस ने यह दिखा दिया कि किस तरह मासूम बच्चों को पैसों के लिए खरीदा और बेचा जा रहा है।
सड़क किनारे मिली बच्ची से खुला राज
श्योपुर बाल तस्करी केस की शुरुआत 18 अप्रैल को हुई, जब सोई कलां गांव के पास एक छोटी बच्ची सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और बच्ची को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
शुरुआत में यह मामला एक सामान्य परित्याग का लग रहा था, लेकिन पुलिस को कुछ बातें संदिग्ध लगीं। इसी के बाद गहराई से जांच शुरू की गई, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
6 दिन की बच्ची को ₹1 लाख में खरीदा
श्योपुर बाल तस्करी केस में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने इस मामले में एक दंपति को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने जो बताया, उसने सभी को हैरान कर दिया। आकाश मूंदड़ा और उसकी पत्नी ने स्वीकार किया कि बच्ची उनकी अपनी नहीं थी। उन्होंने उसे इंदौर में सक्रिय एक गिरोह से ₹1 लाख में खरीदा था, जब वह सिर्फ 6 दिन की थी। यह खुलासा बेहद चौंकाने वाला था, क्योंकि इससे यह साफ हो गया कि बच्चों की खरीद-फरोख्त का यह मामला अकेला नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
ब्यूटी पार्लर बना तस्करी का अड्डा
श्योपुर बाल तस्करी केस की जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक ब्यूटी पार्लर के जरिए किया जा रहा था। यह पार्लर सिर्फ दिखावे के लिए था, जबकि असल में वहां से बच्चों की तस्करी का काम चलाया जा रहा था। इस नेटवर्क में कई लोग शामिल थे, जो अलग-अलग जगहों पर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 4 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
श्योपुर बाल तस्करी केस में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि अब तक कितने बच्चों को इस तरह बेचा गया है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और इसके तार कई शहरों से जुड़े हो सकते हैं।






