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शिवपुरी में पदस्थ राजस्व निरीक्षक ने किसान से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर ने रंगे हाथ पकड़ा

Written by:Atul Saxena
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मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, ऐसे शासकीय सेवकों पर कड़ी कार्रवाई की जाये।
शिवपुरी में पदस्थ राजस्व निरीक्षक ने किसान से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर ने रंगे हाथ पकड़ा

Gwalior Lokayukta Police Action

भ्रष्टाचार पर लगातार सख्त एक्शन के बावजूद शासकीय कर्मचारी रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे उन्हें अपनी नौकरी को दांव पर लगाने का भी भय नहीं है, ऐसे ही एक रिश्वतखोर प्रभारी राजस्व निरीक्षक को ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने शिवपुरी में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है।

लोकायुक्त एसपी ग्वालियर निरंजन शर्मा से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम मचाकला देवरी खुर्द तहसील पोहरी जिला शिवपुरी निवासी किसान ब्रकभान धाकड़ ने पिछले दिनों  24 मार्च को एक शिकायती आवेदन कार्यालय में दिया था जिसमें प्रभारी राजस्व निरीक्षक पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

शिकायतकर्ता किसान ने आवेदन में बताया कि उसे अपनी जमीन के नक़्शे में कुछ सुधार करवाना है जिसका आवेदन उसने तहसील कार्यालय में दिया है, वहां पदस्थ प्रभारी राजस्व निरीक्षक देवेन्द्र जैन जमीन का नक्शा सुधार करने की एवज में 5000/- रुपए की रिश्वत मांग रहे है।

शिकायत में आवेदक ने बताया कि वो उससे आवेदन के साथ ही 1 हजार रुपये ले चुके हैं, आवेदन मिलते ही इसका सत्यापन किया गया, सत्यापन के दौरान भी प्रभारी राजस्व निरीक्षक देवेंद्र जैन ने किसान ब्रकभान धाकड़ से 1 हजार रुपये और ले लिए और सौदा 4 हजार रुपये में तय हो गया।

घर के पास रिश्वत देने बुलाया 

दोनों के बीच शेष 2 हजार रुपये आज 27 मार्च को देना तय हुआ, सत्यापन के बाद लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर का ट्रैप दल गठित किया गया और टीम आज प्रभारी राजस्व निरीक्षक के बताये पते मेला ग्राउंड के सामने सिद्धेश्वर कॉलोनी शिवपुरी, स्थित उसके घर पहुंचे।

रिश्वत की राशि हाथ में आते ही लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा 

किसान ब्रकभान धाकड़ ने देवेन्द्र जैन को बुलाया और उसके आते ही रिश्वत की राशि 2 हजार रुपये उसे दे दी , रिश्वत की राशि हाथ में आते ही आसपास छिपी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और रिश्वत में ली गई राशि जब्त कर ली। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर प्रकरण जाँच में ले लिया गया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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