भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा इन दिनों अपने खराब फॉर्म की वजह से चर्चा में हैं। दरअसल जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में उनका बल्ला पूरी तरह खामोश रहा, जिसके बाद टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने उनके प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि भारतीय टीम में लगातार मौके तभी मिलने चाहिए, जब खिलाड़ी मैदान पर उसका असर भी दिखाए।
दरअसल अभिषेक शर्मा पिछले कुछ मुकाबलों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। लगातार कम स्कोर के कारण उनकी जगह को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भारत की टी20 टीम में पहले से ही कई युवा बल्लेबाज अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने संतुलित टीम चुनने की चुनौती और बढ़ गई है।
श्रीकांत की दो टूक राय
पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि विरोधी टीमें अब अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी की कमजोरियों को समझ चुकी हैं। उनके मुताबिक, लगातार एक जैसी गलतियां दोहराना किसी भी बल्लेबाज के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। श्रीकांत ने साफ कहा कि चयनकर्ताओं को भावनाओं के बजाय प्रदर्शन के आधार पर फैसला लेना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर किसी खिलाड़ी का फॉर्म लंबे समय तक खराब रहता है, तो दूसरे खिलाड़ियों को मौका देना टीम के हित में होगा।
श्रीकांत ने विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि संजू जैसे अनुभवी खिलाड़ी अभी भी टीम में वापसी के मजबूत दावेदार हैं। भारतीय क्रिकेट में हर सीरीज के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और हर खिलाड़ी को अपनी जगह बचाने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। यही वजह है कि चयन समिति पर भी बेहतर संयोजन तैयार करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
युवा खिलाड़ियों को लेकर क्या बोले श्रीकांत?
दरअसल जहां अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, वहीं तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींचा। चोट से वापसी करने के बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार अच्छी गेंदबाजी की और महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनकी गति, सटीक लाइन और आत्मविश्वास ने टीम इंडिया को नई ताकत दी। श्रीकांत ने मयंक की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को लगातार मौके मिलने चाहिए ताकि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को और बेहतर साबित कर सकें।






