भारत ने हरारे में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बनाए रखी। दरअसल पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने आक्रामक अंदाज अपनाया और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम भारतीय गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी और 20 ओवर पूरे होने से पहले ही ऑलआउट हो गई। इस नतीजे के साथ भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली और अंतिम मुकाबले से पहले ही बढ़त अजेय बना ली।
दरअसल भारतीय टीम का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसमें युवा खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी निभाई। बल्लेबाजी में जहां ईशान किशन और तिलक वर्मा ने पारी संभाली, वहीं गेंदबाजी में कई युवा खिलाड़ियों ने विकेट लेकर जीत की नींव मजबूत की। टीम का संतुलित प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारतीय क्रिकेट में नई पीढ़ी लगातार अपनी छाप छोड़ रही है।
ईशान किशन और तिलक वर्मा ने संभाली पारी
दरअसल भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि स्कोर 200 के पार पहुंचना मुश्किल होगा, लेकिन ईशान किशन और तिलक वर्मा ने शानदार साझेदारी कर मैच का रुख बदल दिया। ईशान किशन ने 81 रन की शानदार पारी खेलते हुए तेज स्ट्राइक रेट से रन बनाए और विपक्षी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। दूसरी ओर तिलक वर्मा अंत तक डटे रहे और नाबाद 60 रन बनाकर टीम को 219 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
वहीं इन दोनों बल्लेबाजों ने केवल रन ही नहीं बनाए, बल्कि बीच के ओवरों में विकेट भी नहीं गिरने दिए। इससे अंतिम ओवरों में भारतीय बल्लेबाज खुलकर शॉट खेल सके। हालांकि अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन मध्यक्रम ने उनकी कमी महसूस नहीं होने दी। टीम इंडिया का बल्लेबाजी प्रदर्शन इस बात का उदाहरण रहा कि यदि शुरुआती झटका लगे, तब भी मजबूत साझेदारी मैच का पूरा समीकरण बदल सकती है।
2026 की तीसरी सबसे बड़ी टी20 जीत
220 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखाई दी। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से लगातार सही लाइन और लेंथ रखी, जिसका असर विकेटों के रूप में देखने को मिला। डेब्यू कर रहे यश ठाकुर ने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में दो अहम विकेट लेकर प्रभावित किया। वहीं अभिषेक शर्मा ने गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन बल्लेबाजों को आउट किया और भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे।
प्रिंस यादव ने कम ओवरों में दो विकेट लेकर विपक्ष की उम्मीदें लगभग खत्म कर दीं, हालांकि चोट के कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। रवि बिश्नोई, शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने भी एक-एक विकेट लेकर जीत को आसान बनाया। पूरी जिम्बाब्वे टीम 129 रन पर सिमट गई और भारत ने 90 रन से मुकाबला जीत लिया।
यह जीत सिर्फ सीरीज जीतने तक सीमित नहीं रही, बल्कि रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज हो गई। रनों के अंतर से यह 2026 में भारत की तीसरी सबसे बड़ी टी20 जीत है। इससे पहले इसी साल भारत ने टी20 विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन और नामीबिया को 93 रन से हराया था। लगातार बड़ी जीतें इस बात का संकेत हैं कि भारतीय टीम सीमित ओवरों के क्रिकेट में मजबूत लय में है। अब तीसरा और अंतिम मुकाबला भले ही औपचारिक हो, लेकिन टीम इंडिया की नजर क्लीन स्वीप के साथ दौरे का शानदार अंत करने पर रहेगी।






