खजुराहो एयरपोर्ट एक अनोखे कारण से सुर्खियों में है। दरअसल एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ताजा कस्टमर सैटिस्फैक्शन इंडेक्स (CSI) रिपोर्ट में इसे देश का सबसे बेहतर एयरपोर्ट बताया गया है। दूसरी तरफ जमीनी स्थिति यह है कि जुलाई और अगस्त में यहां से कोई नियमित कमर्शियल फ्लाइट संचालित नहीं हो रही। यही विरोधाभास अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए साफ-सफाई, पार्किंग, सुरक्षा, वेटिंग एरिया, वाई-फाई और अन्य सुविधाओं को लेकर बेहतर व्यवस्था होने के कारण इसे शीर्ष रैंक मिली है। लेकिन नियमित उड़ानों के बंद होने से स्थानीय पर्यटन उद्योग, होटल कारोबार और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब एयरपोर्ट पर उड़ानें ही नहीं हैं, तब ग्राहक संतुष्टि का आकलन किन आधारों पर किया गया।
किन मानकों पर मिला देश में पहला स्थान?
एएआई हर साल अपने एयरपोर्ट्स पर यात्रियों के अनुभव का आकलन करने के लिए कस्टमर सैटिस्फैक्शन इंडेक्स सर्वे कराता है। वहीं इस सर्वे में करीब 33 अलग-अलग मानकों पर फीडबैक लिया जाता है। इनमें टर्मिनल की साफ-सफाई, सुरक्षा जांच, पार्किंग, ग्राउंड ट्रांसपोर्ट, वाई-फाई, खानपान, सूचना प्रणाली, स्टाफ का व्यवहार और अन्य यात्री सुविधाएं शामिल होती हैं। स्वतंत्र एजेंसियों के जरिए कराए जाने वाले इस सर्वे का उद्देश्य एयरपोर्ट सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना होता है। इन्हीं मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए खजुराहो एयरपोर्ट ने कई बड़े और व्यस्त एयरपोर्ट्स को पीछे छोड़ दिया। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राहक संतुष्टि के साथ-साथ उड़ानों की उपलब्धता और यात्रियों की संख्या जैसे पहलुओं को भी भविष्य में ऐसे आकलन में अधिक महत्व दिया जाना चाहिए, ताकि रिपोर्ट वास्तविक स्थिति को और बेहतर तरीके से दिखा सके।
जुलाई-अगस्त में क्यों बंद हैं उड़ानें
दरअसल खजुराहो एयरपोर्ट से फिलहाल दिल्ली और वाराणसी के लिए नियमित व्यावसायिक उड़ानें संचालित नहीं हो रही हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, एक जुलाई से दोनों प्रमुख रूटों पर फ्लाइट सेवाएं बंद हैं। एयरपोर्ट निदेशक संतोष सिंह ने उम्मीद जताई है कि अक्टूबर से इन मार्गों पर दोबारा उड़ानें शुरू हो सकती हैं। हालांकि अभी तक एयरलाइंस की ओर से नियमित संचालन की अंतिम तारीख घोषित नहीं की गई है। उड़ानों के बंद होने का असर केवल यात्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय पर्यटन उद्योग पर भी पड़ रहा है। खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल होने के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। ऐसे में हवाई सेवा बंद रहने से होटल, ट्रैवल एजेंसियों और स्थानीय कारोबारियों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। एविएशन जानकारों का मानना है कि अगर अक्टूबर से उड़ानें दोबारा शुरू होती हैं, तो खजुराहो एयरपोर्ट अपनी शीर्ष रैंकिंग के अनुरूप सेवाएं देने का बेहतर अवसर हासिल करेगा। फिलहाल यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि किसी एयरपोर्ट की गुणवत्ता केवल सुविधाओं से नहीं, बल्कि उसकी नियमित कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुविधा से भी तय होती है।






