भारतीय क्रिकेट टीम ने आईसीसी टी20 टीम रैंकिंग में एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। दरअसल कुछ समय पहले लगातार हार के कारण नंबर-1 का ताज गंवाने वाली टीम इंडिया ने शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को पीछे छोड़ दिया। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में बड़ी जीत के बाद भारत फिर से रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच गया। यह बदलाव दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन रैंकिंग पर कितना असर डालता है।
दरअसल लगातार छह टी20 मुकाबले हारने के बाद भारत को शीर्ष स्थान छोड़ना पड़ा था। उस दौरान इंग्लैंड ने पहला स्थान हासिल कर लिया था। हालांकि भारतीय टीम ने जल्दी ही अपनी लय वापस पा ली। जिम्बाब्वे दौरे पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसका सीधा फायदा आईसीसी रैंकिंग में देखने को मिला। अब टीम इंडिया फिर से दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन चुकी है और उसने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
ICC T20 Ranking में भारत की वापसी कैसे हुई?
दरअसल भारतीय टीम के लिए यह वापसी सिर्फ एक रैंकिंग बदलाव नहीं बल्कि आत्मविश्वास की भी बड़ी जीत है। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 219 रन का मजबूत स्कोर बनाया। ईशान किशन ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 81 रन बनाए, जबकि तिलक वर्मा ने नाबाद 60 रन की तेज पारी खेलकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी और 129 रन पर ऑलआउट हो गई। अभिषेक शर्मा ने तीन विकेट लेकर गेंदबाजी में अहम भूमिका निभाई, जबकि यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट हासिल किए। इस 90 रन की बड़ी जीत ने भारत को सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त दिलाने के साथ आईसीसी रैंकिंग में भी फायदा पहुंचाया। विशेषज्ञों का मानना है कि टीम का संतुलित प्रदर्शन और युवा खिलाड़ियों का योगदान भारत की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है।
टीम इंडिया के लिए नंबर-1 रैंकिंग क्यों है खास?
बता दें कि आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करना किसी भी टीम की निरंतरता और प्रदर्शन का संकेत माना जाता है। भारत पिछले कुछ वर्षों से इस प्रारूप में सबसे मजबूत टीमों में शामिल रहा है। टीम ने हाल के वर्षों में बड़े टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और युवा खिलाड़ियों को मौका देकर मजबूत बेंच स्ट्रेंथ भी तैयार की है।
रैंकिंग में पहले स्थान पर लौटने से भारतीय टीम का मनोबल और बढ़ेगा। आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और बड़े टूर्नामेंटों से पहले यह उपलब्धि टीम के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। अब भारत की कोशिश तीसरे टी20 मुकाबले में जीत दर्ज कर जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में क्लीन स्वीप करने की होगी। यदि टीम इसी तरह लगातार प्रदर्शन करती रही तो नंबर-1 की यह कुर्सी लंबे समय तक बरकरार रख सकती है। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी यह खबर उत्साह बढ़ाने वाली है, क्योंकि टीम ने कम समय में वापसी कर यह साबित कर दिया कि वह किसी भी चुनौती से उबरने की क्षमता रखती है।






