आगामी श्रावण मास की कांवड़ यात्रा, जिसमें लाखों श्रद्धालु अपनी आस्था का प्रदर्शन करते हुए शिव मंदिरों की ओर बढ़ते हैं, को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह यात्रा आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ होगी, जिसके लिए राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं और निगरानी तंत्र को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे बसों के सुरक्षित संचालन और कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इन निर्देशों के अनुपालन में, परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि प्रत्येक क्षेत्रीय मुख्यालय पर एक 24 घंटे संचालित होने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए। यह नियंत्रण कक्ष कांवड़ यात्रा के प्रारंभ होने से लेकर उसके विधिवत समापन तक अनवरत कार्य करेगा और यात्रा से संबंधित सभी गतिविधियों का विस्तृत रिकॉर्ड संधारित करेगा।
प्रमुख मार्गों पर बढ़ाई जाएगी बसों की संख्या
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए, परिवहन मंत्री ने विशेष रूप से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे राज्य के प्रमुख मार्गों पर भी यात्रियों की आवश्यकता और आवागमन के अनुरूप अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि भीड़भाड़ को नियंत्रित किया जा सके और यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
बस स्टेशनों पर बढ़ाई जाएंगी यात्री सुविधाएं
यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से, कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले सभी बस स्टेशनों पर पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता, स्वच्छ और सुचारु रूप से संचालित होने वाले शौचालय, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, उच्च स्तरीय साफ-सफाई, प्रभावी पूछताछ कक्ष, ध्वनि प्रसारण प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण खान-पान के स्टॉल सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह पहल यात्रियों के लिए एक सुखद और आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कांवड़ यात्रा में सड़क सुरक्षा पर सख्ती
सड़क सुरक्षा को लेकर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। कांवड़ यात्रा के दौरान संचालित होने वाली सभी बसों की गति निर्धारित सीमा के भीतर रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। इसके अतिरिक्त, सभी चालकों का अनिवार्य रूप से ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट कराया जाएगा, जिससे शराब पीकर वाहन चलाने जैसी किसी भी लापरवाही को रोका जा सके। सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने के लिए, क्षेत्रीय प्रबंधकों को मंडलायुक्त और जिलाधिकारी की सभी महत्वपूर्ण बैठकों में अनिवार्य रूप से भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं। इस समन्वय के माध्यम से, कांवड़ यात्रा के दौरान आवश्यक रूट डायवर्जन और अन्य व्यवस्थाओं का सुचारु रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे यात्रा में कोई व्यवधान न आए।
डायवर्जन प्लान का तत्काल होगा पालन
रूट डायवर्जन से संबंधित किसी भी जानकारी को तत्काल साझा करने के लिए एक मजबूत संचार प्रणाली स्थापित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए रूट डायवर्जन प्लान की जानकारी सभी संबंधित क्षेत्रों तक व्हॉट्सएप ग्रुप, दूरभाष और अन्य आधुनिक संचार माध्यमों का उपयोग करके तुरंत पहुंचाई जाएगी, ताकि बस संचालन प्रभावित न हो और यात्रियों को सही मार्ग की जानकारी समय पर मिल सके।
परिवहन मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को यह भी निर्देशित किया है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं। यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि निगम की बसों के कारण कांवड़ यात्रा किसी भी स्थिति में बाधित न हो। साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों पर ही बसों का संचालन कराया जाएगा, जिससे कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बनी रहे और यातायात व्यवस्था सुचारु रहे।






