दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दरअसल पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास के प्रतिबंधित क्षेत्र में फूड डिलीवरी, राइड-हेलिंग, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स सेवाओं के संचालन पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला NEET पेपर लीक को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच लिया गया है, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में भी बहस तेज हो गई है।
दरअसल दिल्ली पुलिस के फैसले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “रोटी मत छीनो… नोटबंदी के बाद फूडबंदी।” अखिलेश यादव का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पुलिस के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
रोटी मत छीनो!
(नोटबंदी के बाद फूड बंदी)#Notebandi_to_Foodbandi pic.twitter.com/ceqjnK0DpG
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 24, 2026
क्या है दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी?
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर बताया कि BNSS, 2023 की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा को देखते हुए नागरिकों को प्रतिबंधित क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है। साथ ही ऐप आधारित मोबिलिटी, राइड-हेलिंग, फूड डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स कंपनियों से कहा गया है कि वे सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र में अपनी सेवाएं सीमित रखें। माना जा रहा है कि यह कदम प्रदर्शन स्थल तक लगातार पहुंच रही खाद्य सामग्री और अन्य सप्लाई को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
NEET पेपर लीक आंदोलन जारी,
दरअसल NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन लगातार जारी है। पार्टी ने साफ कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, लेकिन छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और परीक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है।
संसद में भी जारी गतिरोध
छात्र आंदोलन और NEET पेपर लीक का मुद्दा संसद तक पहुंच चुका है। विपक्ष इस मामले पर सरकार से चर्चा और जवाबदेही की मांग कर रहा है। लगातार विरोध के कारण संसद की कार्यवाही भी कई दिनों से प्रभावित हो रही है। ऐसे में जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन, दिल्ली पुलिस की पाबंदियां और विपक्ष के हमलों ने इस पूरे मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है।






