वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सिर्फ स्थानीय लोगों को ही नहीं बल्कि पशु प्रेमियों को भी झकझोर कर रख दिया है। संदहा गांव में एक पालतू रॉटविलर पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल कुत्ते का इलाज कराया गया, लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने पहले बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन इसके बजाय उन्हें जान से मारने की धमकी मिली। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वाराणसी में पालतू कुत्तों पर हमला कैसे हुआ?
पीड़ित अनुराग दीक्षित के अनुसार घटना 5 जुलाई की है। उनका आरोप है कि उनके पालतू रॉटविलर पर कुछ लोगों ने चाकू से हमला किया। हमले में कुत्ता बुरी तरह घायल हो गया। परिवार ने तुरंत उसका इलाज शुरू कराया और उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। इसी बीच उनके दूसरे पालतू पिटबुल पर भी धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
परिवार का कहना है कि दोनों कुत्ते उनके घर में पाले गए थे और परिवार के सदस्य की तरह रहते थे। ऐसे में एक की मौत और दूसरे के घायल होने से पूरा परिवार सदमे में है। घटना के बाद आसपास के लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
बातचीत की कोशिश के बाद मिली जान से मारने की धमकी
पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने आरोपियों से बात करने की कोशिश की ताकि विवाद बढ़ने के बजाय खत्म हो जाए। लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद उन्होंने चौबेपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने चार नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सबूतों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
चौबेपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को इकट्ठा कर रही है और दोनों पक्षों के बयान भी लिए जा रहे हैं। थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें इस्तेमाल किए गए हथियार तथा अन्य सबूत क्या हैं। जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।






