उज्जैन में एक वायरल वीडियो ने ट्रैफिक नियमों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक नाबालिग लड़का सवारियों से भरा ऑटो रिक्शा चलाता दिखाई दिया। वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी।
यह मामला सिर्फ एक ट्रैफिक नियम तोड़ने का नहीं, बल्कि कई यात्रियों की जान को खतरे में डालने का भी माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक वाहन किसी प्रशिक्षित और वैध ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाले चालक को ही चलाना चाहिए।
नाबालिग चला रहा था सवारियों से भरा ऑटो
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में आगर रोड पर एक ऑटो रिक्शा सवारियों से भरा हुआ दिखाई देता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ऑटो को लगभग 14 से 15 साल का एक नाबालिग चला रहा था।
वीडियो सामने आने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने बिना देर किए मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान ऑटो की पहचान उसके रजिस्ट्रेशन नंबर MP-13 AF-7029 से की गई। इसके बाद पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। क्योंकि ऐसे वाहनों में एक साथ कई लोग सफर करते हैं और छोटी सी गलती भी बड़ा हादसा बन सकती है।
ट्रैफिक पुलिस ने कैसे की कार्रवाई?
वीडियो वायरल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने सबसे पहले उसकी सत्यता की जांच की। जब यह पुष्टि हो गई कि वीडियो उज्जैन का ही है और उसमें दिखाई दे रहा ऑटो वही वाहन है, तब पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
ऑटो को जब्त कर वाहन मालिक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने कोर्ट में चालान भी पेश किया। इसके साथ ही वाहन मालिक से लिखित माफीनामा भी लिया गया, जिसमें भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने का आश्वासन लिया गया।
अधिकारियों ने साफ कहा कि यदि भविष्य में कोई भी वाहन मालिक किसी नाबालिग को वाहन चलाने देता है और इससे यात्रियों या अन्य लोगों की जान खतरे में पड़ती है, तो उसके खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर वाहन मालिक का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।






