प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुरुवार देर रात जारी किए गए वीडियो संदेश को लेकर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात संसद के भीतर रखनी चाहिए, न कि आधी रात को वीडियो संदेश जारी कर। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और प्रधानमंत्री यदि वहीं आकर बोलेंगे तो उनकी बात को प्रामाणिक माना जाएगा।
मीडिया से बातचीत में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा “अगर प्रधानमंत्री मोदी बोलना चाहते हैं तो सदन में आकर बोलें, तभी हम उनकी बात को authentic समझेंगे। उन्हें रात में 12 बजे बयान देने के बजाय दिन में संसद में आकर बोलना चाहिए।”
पेपर लीक पर पीएम मोदी ने रात में दिया वीडियो संदेश
बता दें कि नीट पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात करीब 12 बजे वीडियो संदेश जारी किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों और उनके परिवारों का दर्द मैं समझता हूं।”उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले ढाई महीनों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष खराब न हो, इसलिए रिकॉर्ड समय में लगभग 22 लाख विद्यार्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई, जिसके परिणाम भी घोषित किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक रोकने के लिए और अधिक सख्त कदमों पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कानून को और मजबूत करेगी। साथ ही पेपर लीक के मामलों की फास्ट-ट्रैक अदालतों में सुनवाई और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
कांग्रेस ने घेरा
प्रधानमंत्री के इस वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस ने सवाल किया है कि जब संसद का सत्र चल रहा है और विपक्ष लगातार चर्चा की मांग कर रहा है, तब प्रधानमंत्री रात को वीडियो संदेश जारी करने की बजाय संसद में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि प्रधानमंत्री यदि सदन में बोलेंगे तो विपक्ष अपनी शंकाएं और सवाल भी उनके सामने रख सकेगा, जिससे लोकतांत्रिक संवाद और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होंगे। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री को रात में वीडियो संदेश देने के बजाय संसद में आकर बोलना चाहिए। संसद में कही गई बात ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप होगी और तभी उसे वास्तविक अर्थों में प्रामाणिक माना जाएगा।”






