शिवपुरी में शनिवार का दिन लोगों के लिए डर और अफरा-तफरी से भरा रहा। एक आक्रामक आवारा कुत्ता अलग-अलग इलाकों में घूमता रहा और रास्ते में मिलने वाले लोगों पर हमला करता गया। कुछ ही घंटों में दर्जनों लोग घायल हो गए। घटना के बाद अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग गई और पूरे शहर में दहशत फैल गई।
कुत्ते के हमले की सबसे दर्दनाक घटनाएं बच्चों के साथ हुईं। लक्ष्मीबाई कॉलोनी क्षेत्र में एक ढाई साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। परिवार और आसपास के लोगों ने किसी तरह बच्ची को बचाया। वहीं एक अन्य बच्चे के सिर की चमड़ी तक उधड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों को 28 टांके लगाने पड़े। कई अन्य लोगों को भी गंभीर चोटें आईं और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
आवारा कुत्ते का हमला बना शहर की बड़ी चिंता
शनिवार सुबह शुरू हुआ यह हमला पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। कुत्ता शहर के कई इलाकों में घूमता रहा और लोगों पर अचानक हमला करता रहा। हनुमान चौराहा, गांधी पार्क, फल मंडी, नवाब साहब रोड, कस्टम गेट और लक्ष्मीबाई कॉलोनी जैसे कई क्षेत्रों से हमलों की खबरें सामने आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुत्ता बेहद आक्रामक था और बिना किसी उकसावे के लोगों को निशाना बना रहा था।
घटना के बाद व्यापारियों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बन गया। कई लोगों ने बच्चों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी। कुछ इलाकों में लोग समूह बनाकर बाहर निकलते दिखाई दिए। विशेषज्ञों का कहना है कि रेबीज संक्रमित या बीमार कुत्तों का व्यवहार अचानक आक्रामक हो सकता है, इसलिए ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई बेहद जरूरी होती है। यही वजह रही कि नगर निगम और प्रशासन पर तेजी से कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया।
नगर निगम की कार्रवाई और अस्पताल में बढ़ी सतर्कता
कुत्ते के लगातार हमलों के बाद नगर निगम की कई टीमें उसे पकड़ने के लिए शहरभर में सक्रिय हो गईं। घंटों की तलाश के बाद शाम करीब सात बजे कुत्ते को पकड़ लिया गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए आवारा कुत्तों की निगरानी और पकड़ने का अभियान तेज किया जाएगा।
दूसरी ओर जिला अस्पताल में घायलों का इलाज लगातार जारी रहा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सुबह से शाम तक 65 लोग कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए पहुंचे। सभी को जरूरी उपचार और एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई गई। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते के काटने की स्थिति में घरेलू उपचार पर भरोसा न करें और तुरंत अस्पताल पहुंचें।
यह घटना एक बार फिर शहरों में बढ़ती आवारा पशु समस्या की ओर ध्यान खींचती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी गंभीर रूप ले सकते हैं।






