सिंगरौली: सरकारी स्कूल में फटा हुआ राष्ट्रध्वज फहराने के एक गंभीर मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। खुटार क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला पूर्व टोला में हुई इस लापरवाही पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एस.बी. सिंह ने प्राथमिक शिक्षक सह प्रभारी प्रधानाध्यापक रेवतीरमण शाह को निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई संकुल प्राचार्य द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें शिक्षक पर लगे आरोप सही पाए गए। विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्रध्वज के सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच में हुई लापरवाही की पुष्टि
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खुटार के संकुल प्राचार्य से कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि विद्यालय परिसर में जो तिरंगा फहराया गया था, वह फटा हुआ था। यह कृत्य भारतीय ध्वज संहिता 2002 का सीधा उल्लंघन है, जिसे एक गंभीर प्रशासनिक चूक माना गया है।
असंतोषजनक जवाब के बाद निलंबन
जांच के बाद आरोपी शिक्षक रेवतीरमण शाह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। विभाग के मुताबिक, शिक्षक की ओर से मिला जवाब संतोषजनक नहीं था, जिसके बाद निलंबन का आदेश जारी किया गया।
निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक शाह का मुख्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगदरा (चितरंगी) निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
फंड की कमी का वीडियो हुआ था वायरल
गौरतलब है कि यह मामला मीडिया में प्रमुखता से उठाए जाने के बाद सामने आया था। उस समय शिक्षक का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह स्कूल में फंड की कमी का हवाला देते हुए अपनी सफाई दे रहे थे।
हालांकि, उनके इस तर्क पर सवाल उठे थे कि क्या फंड की कमी को राष्ट्र के सम्मान से ऊपर रखा जा सकता है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इस कार्रवाई से विभाग ने यह संदेश दिया है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान से जुड़े मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।





