सिंगरौली जिले की विशेष न्यायालय (SC-ST एक्ट) ने आपसी विवाद से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। विशेष न्यायाधीश खालिद मोहतरम अहमद की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा, जिसके चलते आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया गया।
यह मामला 12 अक्टूबर 2024 का बताया गया है।अभियोजन के अनुसार फरियादी सत्यनारायण सिंह और हरिचरण अगरिया दुर्गा विसर्जन के लिए जा रहे थे। आरोप था कि बिंदुल बाजार के पास डीजे पर गाना बजाने को लेकर विवाद हुआ, जिसमें आरोपियों संतोष गुप्ता, सीताराम शाह और मिथलेश कुमार गुप्ता ने मारपीट, जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी दी थी।
सुनवाई के दौरान बदल गए बयान
हालांकि सुनवाई के दौरान मामला पलट गया। अदालत में मुख्य गवाह और पीड़ितों ने बताया कि केवल हल्की कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई थी तथा किसी प्रकार की जातिसूचक गाली नहीं दी गई। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लगी चोटें गिरने से आई थीं। गवाहों के बयान बदलने के बाद अदालत ने अन्य गवाहों की सुनवाई आवश्यक नहीं समझी।
अदालत ने आरोपियों को दोषमुक्त किया
न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और SC-ST एक्ट के आरोपों से तीनों आरोपियों को मुक्त कर दिया। अदालत के इस फैसले को झूठे मामलों पर सख्त संदेश और निष्पक्ष न्याय की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।





