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अभी भी वापसी की आस लगाए बैठे हैं अजिंक्य रहाणे? कहा – ‘सिलेक्शन का मापदंड उम्र नहीं होना चाहिए’

अजिंक्य रहाणे ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए लंबे समय तक क्रिकेट खेला है, हालांकि पिछले कुछ समय से वह टीम से बाहर चल रहे हैं। अब टीम में उनकी जगह बनाना बेहद मुश्किल है, मगर अजिंक्य रहाणे अभी भी भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की आस लगाए बैठे हैं।
अभी भी वापसी की आस लगाए बैठे हैं अजिंक्य रहाणे? कहा - 'सिलेक्शन का मापदंड उम्र नहीं होना चाहिए'

इस समय भारतीय क्रिकेट टीम तीनों ही फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन कर रही है। हालांकि हाल ही में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पिछले कुछ समय में वनडे में भी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब भी भारतीय टीम ने जीता था, जबकि T20 वर्ल्ड कप 2024 और एशिया कप 2025 भी भारतीय टीम ने अपने नाम किए। तीनों ही फॉर्मेट की टीमों में यंगस्टर्स देखने को मिल रहे हैं, मगर टेस्ट में पिछले कुछ समय से अनुभवी खिलाड़ियों की कमी खल रही है। पिछले कुछ समय से अजिंक्य रहाणे को लेकर खूब चर्चाएं देखने को मिली हैं, वहीं अब हाल ही में अजिंक्य रहाणे ने रणजी ट्रॉफी में शानदार शतक ठोककर फिर से भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की उम्मीद जगा दी है।

भारत की टीम में अजिंक्य रहाणे की जगह बनना बेहद मुश्किल नजर आ रही है, लेकिन रहाणे को अब भी वापसी की उम्मीद है। अजिंक्य रहाणे ने छत्तीसगढ़ के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मुकाबले में फर्स्ट क्लास क्रिकेट का अपना 42वां शतक ठोक दिया।

सिलेक्शन का मापदंड उम्र नहीं होना चाहिए: अजिंक्य रहाणे

दरअसल, अजिंक्य रहाणे ने अब चयन समिति को एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि ‘वह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में खेलने के लिए भी तैयार थे, लेकिन चयन समिति द्वारा उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया। सिलेक्शन का मापदंड उम्र नहीं होना चाहिए।’ इससे साफ होता है कि अजिंक्य रहाणे अभी भी भारतीय टीम में वापसी का इंतजार कर रहे हैं। मुंबई और छत्तीसगढ़ के बीच खेले गए रणजी ट्रॉफी मुकाबले के दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद अजिंक्य रहाणे ने कहा कि मेरा मानना है कि मेरे जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को अधिक मौके दिए जाने चाहिए, लेकिन मुझसे कोई संपर्क नहीं किया गया है।

टीम इंडिया को मेरी जरूरत लगी थी: अजिंक्य रहाणे

दरअसल, अजिंक्य रहाणे ने कहा कि ‘मैं केवल उन चीजों पर ध्यान दे सकता हूं जो मेरे नियंत्रण में हैं, और मैं वही कर रहा हूं। ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया को मेरी जरूरत लगी थी और मैं उस दौरान खेलने के लिए भी पूरी तरह तैयार था, मगर मुझसे कोई संपर्क नहीं किया गया।’ हालांकि पिछले रणजी ट्रॉफी में अजिंक्य रहाणे का औसत कुछ खास नहीं रहा था। अजिंक्य रहाणे ने 9 पारियों में मात्र 35.52 की औसत से रन बनाए थे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या वाकई अजिंक्य रहाणे को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में चुना जाना चाहिए था। जानकारी के लिए बता दें कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा था।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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