भारतीय टीम की तलाश पूरी हो चुकी है। बीसीसीआई ने Dream11 की स्पॉन्सरशिप रद्द करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पास किसी भी प्रकार की स्पॉन्सरशिप नहीं थी। इस बीच एक टायर बनाने वाली कंपनी ने अपनी बाजी मारी है। बता दें, अपोलो टायर्स कंपनी को भारतीय क्रिकेट की स्पॉन्सरशिप दी गई है, जो एक प्रमुख टायर निर्माण कंपनी है। इसकी स्थापना साल 1972 में हुई थी। गौरतलब है कि कई बड़ी कंपनियों ने इसके लिए आवेदन दिए थे। असल तौर पर इस कंपनी से बीसीसीआई को मोटी कमाई होने वाली है। यह पार्टनरशिप 2027 तक रहने वाली है।
दरअसल Dream11 ने जुलाई 2023 में बीसीसीआई के साथ 358 करोड़ रुपए की बड़ी डील की थी। इसके तहत Dream11 ने Byju’s को रिप्लेस किया था। वहीं, Dream11 ने इंडियन प्रीमियर लीग में बड़ा निवेश किया था। इसने एम.एस. धोनी, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों को ब्रांड एंबेसडर बनाया था। बता दें, साल 2020 में Dream11 ने आईपीएल ट्रॉफी को भी स्पॉन्सर किया था। Dream11 ने साथ ही 2018 में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के साथ भी पार्टनरशिप की थी।
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जानिए राजीव शुक्ला ने क्या कहा
वहीं, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, “हम अपोलो टायर्स का हमारे नए लीड स्पॉन्सर के रूप में स्वागत करके बहुत खुश हैं। यह एक ऐतिहासिक अवसर है, जो भारत की दो सबसे मजबूत और स्थायी विरासतों को एक साथ लाता है भारतीय क्रिकेट की अटूट भावना और अपोलो टायर्स की अग्रणी विरासत। बोली प्रक्रिया की प्रतिस्पर्धात्मक प्रकृति बीसीसीआई में मजबूत बाजार विश्वास और टीम इंडिया के वैश्विक ब्रांड को दर्शाती है। हमें विश्वास है कि यह साझेदारी आपसी विकास और सफलता के लिए एक प्रेरक शक्ति बनेगी।”
अपोलो टायर्स ने क्या कहा?
वहीं, अपोलो टायर्स लिमिटेड के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नीरज कंवर ने कहा, “भारत और पूरी दुनिया में क्रिकेट की बेजोड़ लोकप्रियता को देखते हुए, हमारे लिए यह सम्मान की बात है कि हम टीम इंडिया के नेशनल टीम लीड स्पॉन्सर बने। यह साझेदारी राष्ट्रीय गर्व, उपभोक्ताओं के विश्वास को मजबूत करने और अपोलो को हमारे क्षेत्र में एक लीडर के रूप में पेश करने के साथ-साथ भारतीय खेल को उच्चतम स्तर पर समर्थन देने और दुनियाभर के फैंस के लिए अविस्मरणीय पलों का निर्माण करने के बारे में है।”