गौतम गंभीर ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में यह साफ किया कि वह भी बाकी लोगों की तरह इंसान हैं और उनसे भी गलतियां हो सकती हैं। दरअसल उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और कोच दोनों को ही गलती करने की छूट मिलनी चाहिए। उनका यह बयान उन खबरों के बीच आया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि सीनियर खिलाड़ियों और कोच के बीच मतभेद हैं।
दरअसल रेवस्पोर्ट्ज कॉन्क्लेव में बातचीत के दौरान जब उनसे विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ रिश्तों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सीधा जवाब देने के बजाय संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीनों में उनसे भी कई फैसलों में गलती हुई होगी लेकिन उन्होंने कभी इसे नकारा नहीं। उनके मुताबिक अगर इरादा सही हो तो गलत फैसले को समझा जा सकता है, लेकिन गलत इरादे से लिया गया फैसला स्वीकार नहीं किया जा सकता।
क्या सच में थे कोहली-रोहित और गंभीर के बीच मतभेद?
दरअसल पिछले कुछ समय से यह चर्चा हो रही थी कि टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। खासकर तब जब बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और उसके बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। वहीं कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सीनियर खिलाड़ियों और कोच के बीच रणनीति और फैसलों को लेकर मतभेद थे। हालांकि गौतम गंभीर ने अपने बयान में सीधे तौर पर किसी विवाद की पुष्टि नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि हर व्यक्ति से गलतियां होती हैं।
टीम मैनेजमेंट और लीडरशिप पर दिया बड़ा संदेश
इसके साथ ही गौतम गंभीर ने अपने बयान में सिर्फ विवादों पर ही नहीं, बल्कि लीडरशिप और टीम मैनेजमेंट को लेकर भी बात की है। दरअसल उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे अहम चीज ईमानदारी है। चाहे वह खिलाड़ी हो, सपोर्ट स्टाफ हो या कोई अन्य सदस्य, हर किसी के साथ साफ और सीधे तरीके से काम करना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि ड्रेसिंग रूम में माहौल बनाए रखना सिर्फ कोच की नहीं, बल्कि पूरी टीम की जिम्मेदारी होती है। अगर हर कोई अपने रोल को समझे और ईमानदारी से निभाए, तो टीम अपने आप बेहतर प्रदर्शन करती है।






