राजधानी भोपाल में घरेलू गैस सिलेंडर की समस्या को लेकर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के विकास मॉडल की हकीकत यह है कि “जनता के घरों के चूल्हे ठंडे” पड़े हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिक सिलेंडर के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं और दर-दर भटक रहे हैं। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार का तथाकथित सुशासन सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि “आज आम नागरिक गैस सिलेंडर के लिए घंटों इंतजार में है , दर-दर भटक रहे हैं, यही भाजपा सरकार का तथाकथित सुशासन है। जब मूलभूत सुविधा ही उपलब्ध न हो तो जनता की आवाज़ दबाना सरकार की ताकत नहीं, बल्कि उसकी शर्मनाक कमजोरी है।”
गैस सिलेंडर के संकट को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
देश में एलपीजी गैस सिलेंडर संकट को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है। यह समस्या मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में ईरान-इजराइल और अमेरिका से जुड़े संघर्ष के कारण उत्पन्न हुई है, जिसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से पेट्रोलियम उत्पादों की वैश्विक सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया। भारत जो आयातित क्रूड और एलपीदी पर काफी हद तक निर्भर है, इस युद्ध का सीधा असर झेल रहा है। भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में यह संकट घरेलू और कमर्शियल दोनों स्तर पर दिखाई दे रहा है। हालांकि सरकार का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है।
उमंग सिंघार ने लगाए आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए उसके ‘सुशासन’ के दावों को पूरी तरह असफल बताया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के विकास मॉडल की असलियत ये है कि आज कई घरों में चूल्हे ठंडे पड़े हैं। कांग्रेस नेता ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कहा कि “भोपाल में गैस सिलेंडर वितरण का वादा अब सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है। ऑनलाइन बुकिंग और बिल जनरेट होने के बावजूद 50,000 से अधिक परिवार सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जब मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता ही समस्या बन जाए, तो जनता की आवाज़ दबाना सरकार की ताकत नहीं बल्कि उसकी शर्मनाक कमजोरी है। उन्होंने प्रदेश सरकार से तत्काल प्रभाव से सिलेंडर वितरण सुनिश्चित करने और जनता को इस समस्या से राहत दिलाने की मांग की है।






