अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बांग्लादेश को एक रोमांचक मुकाबले में 18 रनों से हरा दिया है। बारिश से बाधित इस मैच का फैसला डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) पद्धति से हुआ। यह टूर्नामेंट में भारत की लगातार दूसरी जीत है। टीम की इस जीत में अभिज्ञान कुंडू और वैभव सूर्यवंशी के अर्धशतकों के बाद गेंदबाज विहान मल्होत्रा के चार विकेट और वैभव के एक अद्भुत कैच ने अहम भूमिका निभाई।
शनिवार को बुलावायो में खेले गए इस मैच में बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 48.4 ओवर में 238 रन बनाए। इसके बाद बारिश ने मैच में खलल डाला, जिसके कारण बांग्लादेश को 29 ओवरों में 165 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला। जवाब में बांग्लादेशी टीम 28.3 ओवर में 146 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
कुंडू और सूर्यवंशी के अर्धशतकों से संभली पारी
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए अभिज्ञान कुंडू और वैभव सूर्यवंशी ने महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। कुंडू ने धैर्यपूर्वक खेलते हुए 112 गेंदों पर 80 रन बनाए, जबकि वैभव सूर्यवंशी ने 67 गेंदों में 72 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को 238 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
जब हाथ से फिसल रहा था मैच
165 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने एक समय मजबूत शुरुआत की थी। टीम ने 21 ओवर में सिर्फ 2 विकेट खोकर 106 रन बना लिए थे और उसे जीत के लिए 8 विकेट हाथ में रहते हुए सिर्फ 59 रनों की दरकार थी। यहां से बांग्लादेश की जीत लगभग तय लग रही थी।
लेकिन तभी विहान मल्होत्रा ने कलाम सिद्दीकी अलीन को आउट कर भारत को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। यहीं से मैच का पासा पलट गया और बांग्लादेशी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। टीम ने अपने आखिरी 8 विकेट सिर्फ 40 रनों के भीतर गंवा दिए। विहान मल्होत्रा ने कुल 4 विकेट झटके।
वैभव का ‘सूर्यकुमार यादव’ जैसा कैच
मैच का एक और बड़ा आकर्षण वैभव सूर्यवंशी का कैच रहा। उन्होंने 26वें ओवर में बाउंड्री पर मोहम्मद समियुन बसीर रतुल का एक अविश्वसनीय कैच लपका। यह कैच काफी हद तक वैसा ही था जैसा सूर्यकुमार यादव ने T20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में पकड़ा था। इस कैच ने बांग्लादेश पर दबाव और बढ़ा दिया।
टॉस के समय हाथ न मिलाने पर हुआ था विवाद
मैच से पहले टॉस के दौरान एक छोटा विवाद भी हुआ जब बांग्लादेश के कार्यवाहक कप्तान जवाद अबरार ने भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे से हाथ नहीं मिलाया। हालांकि, बाद में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि यह अनजाने में हुई भूल थी और इसका मकसद किसी का अनादर करना नहीं था। बोर्ड ने खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखने की हिदायत दी है।





