मध्यप्रदेश में मक्का किसानों की फसल पर संकट गहरा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार होली के त्योहार पर किसानों के जीवन से रंग छीन रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले मक्का की एमएसपी 2400 रुपये प्रति क्विंटल तय कर किसानों से अपील की थी कि वे मक्का उगाएं, क्योंकि इससे एथनॉल बनेगा और किसानों को अच्छा मुनाफा मिलेगा। लेकिन अब एमएसपी पर खरीदी नहीं हो रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार की बात मानकर किसानों ने मक्का की खेती की, लेकिन अब फसल कटाई के बाद बाजार में उन्हें सिर्फ 1100 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द इसे लेकर कोई फैसला नहीं करती है तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर किसानों की लड़ाई लड़ेगी।
मक्का किसानों की समस्या को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
जीतू पटवारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2025-26 के लिए मक्का का एमएसपी 2400 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया था, जो उत्पादन लागत पर करीब 59 प्रतिशत मार्जिन देता है। लेकिन मध्यप्रदेश में मंडियों में मक्का एमएसपी से काफी नीचे बिक रहा हैं राज्य सरकार ने अभी तक एमएसपी पर खरीदी शुरू नहीं की है। अलग अलग रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदेश की मंडियों में मक्का के भाव 1200 से 1600 रुपये तक गिर चुके हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि “कृषि कल्याण वर्ष” मनाने वाले मुख्यमंत्री मोहन यादव किसानों को सिर्फ कर्ज और अत्याचार दे रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मिलने के बाद किसानों से मिलकर रीलें तो बनाईं, लेकिन किसानों के कल्याण के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री से मांग की है कि मक्का उगाने वाले किसानों से निर्धारित एमएसपी के आधार पर फसल खरीदी जाए। इसी के साथ उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं होता है तो कांग्रेस पार्टी और वह खुद किसानों के साथ सड़क पर उतरकर उनकी लड़ाई लड़ेंगे।






