मध्य प्रदेश के 7.50 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। होली के तोहफे के रूप में राज्य की मोहन यादव सरकार ने 3 फीसदी महंगाई भत्ते वृद्धि का ऐलान किया है, जिसके बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी हो गया है। बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ अप्रैल की सैलरी के साथ मई 2026 में दिया जाएगा यानी मई महीने में मिलने वाली सैलरी में 58% डीए के साथ बढ़ी हुई राशि प्राप्त होगी।
नई दरें जुलाई 2025 से लागू होंगी, ऐसे में जुलाई 2025 से मार्च 2026 (9 महीने का बकाया) का एरियर का भुगतान 6 किस्तों में किया जाएगा।
465 से 4230 रुपये तक बढ़ेगा वेतन
3 फीसदी डीए वृद्धि से चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में 465 से 556 रुपये तक, तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में 585 से 1473 तक, द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के वेतन में 1683 से 2019 रुपये तक तथा प्रथम श्रेणी के अधिकारियों के वेतन में 2397 से 4230 तक वेतन में वृद्धि होने की संभावना है।
- प्रथम श्रेणी – 2397 से 4230 रुपए
- द्वितीय श्रेणी – 1683 से 2019 रुपए
- तृतीय श्रेणी – 585 से 1473 रुपए
- चतुर्थ श्रेणी – 465 से 556 रुपए
पिछले साल अप्रैल में बढ़ा था 5 फीसदी डीए
गौरतलब है कि बीते साल अप्रैल में मोहन यादव सरकार ने राज्य कर्मचारियों के डीए में 5 फीसदी ( जुलाई 2024 से 3% और जनवरी 2025 से 2%) की वृद्धि की थी जिसके बाद डीए 55 फीसदी पहुंच गया है। नई दरें 1 जुलाई 2024 से लागू की गई थी और जुलाई से मार्च (9 महीने का एरियर) तक एरियर जून से अक्टूबर 2025 के बीच 5 समान किस्तों में दिया गया। जुलाई से 3 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ने के बाद राज्य कर्मचारियों का डीए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान 58 फीसदी हो गया है।
पेंशनर्स की महंगाई राहत में भी 3 फीसदी वृद्धि
मोहन सरकार ने कर्मचारियों के साथ प्रदेश के 4.50 लाख पेंशनर्स के भी महंगाई भत्ते में 3 फीसदी का इजाफा किया है जिसके बाद महंगाई राहत 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गई है। नई दरें जनवरी 2026 से लागू होंगी, ऐसे में जनवरी और फरवरी महीने का एरियर भी दिया जाएगा। बढ़ी हुई पेंशन का भुगतान मार्च में किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58 फीसदी का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इससे पहले अक्टूबर में पेंशनर्स की महंगाई राहत में 2 फीसदी वृद्धि की गई थी जिसके बाद सातवें वेतनमान का लाभ ले रहे पेंशनर्स की महंगाई राहत दर सितंबर 2025 से 53 फीसदी से बढ़कर 55 फीसदी की गई थी।
महंगाई राहत वृद्धि के लिए लेनी पड़ती है छत्तीसगढ़ सरकार से सहमति
दरअसल, वर्ष 2000 के पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की पेंशन और राहत का 74% वित्तीय भार मध्य प्रदेश और 26% छत्तीसगढ़ उठाती है, ऐसे में मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) की संवैधानिक बाध्यता के कारण छत्तीसगढ़ सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य है। अधिनियम के तहत जब तक दोनों राज्य पेंशनरों के महंगाई राहत बढ़ाने पर सहमत नहीं होते तब तक उन्हें बढ़ी हुई महंगाई राहत नहीं दी जाती है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा जल्द छत्तीसगढ़ सरकार को सहमति का पत्र भेजा जाएगा। इसके बाद वित्त विभाग द्वारा आदेश जारी किए जाएंगे।






