T20 वर्ल्ड कप 2026 की ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम के सितारे अपने-अपने घर लौट रहे हैं। इसी सिलसिले में जब टीम के धाकड़ विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन पटना पहुंचे, तो माहौल जश्न का था। लेकिन यह जश्न जल्द ही तल्खी में बदल गया जब एक पत्रकार ने पूर्व क्रिकेटर और TMC सांसद कीर्ति आज़ाद के बयान पर उनकी राय जाननी चाही।
सवाल पूरा होता, उससे पहले ही ईशान का पारा चढ़ गया। उन्होंने सवाल को बीच में ही काटते हुए कहा, “इतना अच्छा वर्ल्ड कप जीते हैं। अच्छे सवाल आप लोग करिएगा। ये कीर्ति आज़ाद क्या बोले? इस पर मैं क्या बोलूं? कुछ अच्छा सवाल करिए।” उनका लहजा साफ बता रहा था कि वो इस विवाद में पड़ना तो दूर, इस पर बात भी नहीं करना चाहते।
जिस बयान पर मचा है पूरा बवाल
दरअसल, कीर्ति आज़ाद ने टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों द्वारा वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा था, “शेम ऑन टीम इंडिया। हमने 1983 में वर्ल्ड कप जीता था, हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और सिख थे। हम ट्रॉफी को अपनी मातृभूमि भारत लाए थे।”
SHAME ON TEAM INDIA! 😡
When we won the World Cup under Kapil Dev in 1983, we had Hindu Muslim Sikh and Christian in the team.
We brought the trophy to our religious birth place our motherland India Bharat Hindustan
Why The Hell Is The Indian Cricket Trophy is being Dragged.…
— Kirti Azad (@KirtiAzaad) March 9, 2026
उन्होंने आगे सवाल उठाया, “मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं? यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है- सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं! सिराज ने इसे कभी मस्जिद में प्रदर्शित नहीं किया। संजू इसे कभी चर्च में नहीं ले गए। यह ट्रॉफी 1.4 अरब भारतीयों की है- यह किसी एक धर्म की जीत का जश्न नहीं है!”
बल्ले से भी दिया था करारा जवाब
यह विवाद भले ही मैदान के बाहर का हो, लेकिन मैदान के अंदर ईशान किशन का बल्ला खूब गरजा था। वह टूर्नामेंट में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में से एक थे। ईशान ने 9 मैचों में 193.29 के तूफानी स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए, जिसमें 3 दमदार अर्धशतक भी शामिल थे। उनके प्रदर्शन ने भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।






