ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 के फाइनल के चार दिन बाद ही नया चक्र शुरू हो गया है। दरअसल WTC 2025-27 की शुरुआत श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच गॉल में होने वाले टेस्ट से हुई है। दरअसल इस चक्र में भारत समेत 9 टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 131 टेस्ट मुकाबले खेले जाएंगे। अफगानिस्तान, आयरलैंड और ज़िम्बाब्वे इस बार भी WTC का हिस्सा नहीं होंगे।
दरअसल इस नए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में सबसे ज्यादा मुकाबले भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को खेलने हैं। इंग्लैंड को जहां 21 टेस्ट खेलने हैं, वहीं ऑस्ट्रेलिया 20 और भारत 18 मैच खेलेगा। इन तीनों टीमों को 6-6 टेस्ट सीरीज़ मिलेंगी जिनमें तीन घरेलू और तीन विदेशी होंगी। पॉइंट्स टेबल इस बार भी PCT (पॉइंट्स प्रतिशत) के आधार पर तय किया जाएगा, जिससे हर टीम को बराबरी का मौका मिलेगा। दरअसल भारत का शेड्यूल चुनौतीपूर्ण है जिसमें इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीमों के खिलाफ पांच-पांच टेस्ट की सीरीज़ शामिल हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया का भी इंग्लैंड, भारत और साउथ अफ्रीका के साथ कड़ा मुकाबला होना है।
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कौन सी टीम खेलेगी कब और कहां
बता दें कि इस चक्र की शुरुआत 17 जून 2025 को गॉल टेस्ट से हो रही है जो एंजेलो मैथ्यूज का आखिरी टेस्ट भी होगा। श्रीलंका और बांग्लादेश इस मुकाबले के ज़रिए WTC अभियान की शुरुआत करेंगे। बांग्लादेश को इस चक्र में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीमों से भिड़ना है। वहीं श्रीलंका को भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ बड़ी सीरीज़ खेलनी है। भारत को इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुल 18 मैच खेलने हैं।
वहीं इंग्लैंड का शेड्यूल भी मज़ेदार है जिसमें उसे ऑस्ट्रेलिया, भारत, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड से भिड़ना है। ऑस्ट्रेलिया को पांच टेस्ट भारत के खिलाफ खेलने हैं जो 2027 की शुरुआत में होंगे। पाकिस्तान को इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और साउथ अफ्रीका जैसे विरोधियों से भिड़ना है। हर टीम को अपने घरेलू मैदान और विदेशी धरती पर अलग-अलग स्थितियों का सामना करना होगा जिससे मुकाबले और दिलचस्प बनेंगे।
WTC 2025-27 में किन टीमों पर रहेंगी निगाहें
दरअसल टीम इंडिया हमेशा से टेस्ट क्रिकेट में बड़ी ताकत रही है और घरेलू हालात में उसका रिकॉर्ड शानदार रहा है। हालांकि विदेशों में खासकर इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में उसे चुनौती का सामना करना पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड लगातार मजबूत टीमों के रूप में उभरे हैं और दोनों की घरेलू परिस्थितियां विरोधियों के लिए मुश्किल बन जाती हैं।