एशिया कप 2025 का टूर्नामेंट न सिर्फ मुकाबलों में रोमांचक रहा बल्कि दो बड़े क्रिकेट बोर्ड की जंग भी देखने को मिली। भारत और पाकिस्तान के बीच इतिहास में पहली बार एशिया कप के टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला खेला गया। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पांच विकेट से जीत हासिल की लेकिन इस जीत के बाद मैदान पर जमकर ड्रामा देखने को मिला। बता दें कि भारतीय टीम ने मोहसिन नक़वी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया। एसीसी के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी इस बात पर अड़ गए कि वही भारतीय टीम को ट्रॉफी देंगे।
दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी बातों पर अड़े रहे, जिसके चलते भारतीय टीम ने बिना ट्रॉफी के ही सेलिब्रेशन किया। अब इस मामले पर मंगलवार को एशियाई क्रिकेट काउंसिल की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत की ओर से राजीव शुक्ला ने प्रतिनिधित्व किया और एसीसी से कई गंभीर सवाल किए।
एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से सीधा सवाल पूछा गया
दरअसल, राजीव शुक्ला ने एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से सीधा सवाल पूछा कि आखिर उन्होंने भारतीय टीम को जीतने के बाद ट्रॉफी क्यों नहीं दी। राजीव शुक्ला ने कहा कि यह एसीसी की ट्रॉफी है, किसी विशेष व्यक्ति की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है। विजेता टीम को औपचारिक रूप से ट्रॉफी सौंपी जानी चाहिए थी। बता दें कि फाइनल मुकाबले के बाद यह मुद्दा तूल पकड़ गया। मैदान पर जमकर ड्रामा देखा गया। मोहसिन नक़वी स्टेज पर खड़े रहे जबकि भारतीय खिलाड़ी मैदान में बैठे रहे। लंबे समय तक जब भारतीय टीम ट्रॉफी लेने नहीं गई तो मोहसिन नक़वी ट्रॉफी के साथ ही चले गए।
मोहसिन नक़वी ने क्या जवाब दिया?
राजीव शुक्ला ने इसी के चलते यह सवाल किया कि आखिर आपने ट्रॉफी क्यों नहीं दी। वहीं इस पर एसीसी के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने कहा कि वह बिना वजह वहां कार्टून की तरह खड़े रहे। एसीसी को कहीं भी लिखित में यह जानकारी नहीं दी गई थी कि भारतीय टीम उनके हाथों से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेगी। इसके अलावा मोहसिन नक़वी ने इस मुद्दे को टालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा किसी और समय पर की जाएगी, अभी नहीं।
आधे घंटे तक पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन शुरू नहीं हो सका
जानकारी दें कि फाइनल मुकाबले के बाद आधे घंटे तक पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन शुरू नहीं हो सका था। न सिर्फ मोहसिन नक़वी बल्कि स्टेज पर कई बड़ी हस्तियां भी खड़ी थीं। मैच के बाद तस्वीरें वायरल होने लगीं, जिसमें देखा जा सकता था कि टीम इंडिया काफी देर तक मैदान में बैठी रही और एसीसी अध्यक्ष ट्रॉफी अपने साथ लेकर मैदान से बाहर चले गए थे, जिसके चलते भारतीय टीम को बिना ट्रॉफी और मेडल के ही वापस घर लौटना पड़ा।





